ताइवान को हथियार देने पर चीन नाराज़

पैट्रियट मिसाइल
Image caption चीन ने हथियारों की प्रस्तावित बिक्री पर घोर आपत्ति जताई है.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने छह अरब डॉलर के हथियार ताइवान को बेचने की योजना बनाई है.

पेंटागन ने इसकी सूचना अमरीकी संसद यानी कॉंग्रेस को दे दी है.

इन हथियारों में ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टर, पेट्रियट मिसाइल और अन्य उपकरण शामिल हैं. पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल में ताइवान को सुरक्षा मदद की पेशकश की गई थी.

अमरीका के इस प्रस्ताव पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि इससे द्विपक्षीय संबंध ख़राब होंगे.

चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता हैं. गृह युद्ध के बाद 1949 में ताइवान चीन से अलग हो गया था.

चीन हमेशा सैंकड़ों मिसाइल ताइवान की ओर लक्ष्य कर तैयार रखता है और वह कई बार हमले की धमकी भी दे चुका है.

पैकेज

ताइवान ने अमरीका से एफ़-16 लड़ाकू विमान देने की भी माँग की थी लेकिन प्रस्तावित खेप में इसका ज़िक्र नहीं है.

अब अमरीकी संसद तीस दिनों के भीतर इस प्रस्ताव पर फ़ैसला करेगी.

पैकेज के तहत 114 पैट्रियट मिसाइल, 60 ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टर और अन्य साज़ो सामान दिए जाएंगे.

चीन के उप विदेश मंत्री हे येशेई ने कहा है कि इस प्रस्ताव का चीन सरकार घोर विरोध करती है.

फिलहाल व्यापार और इंटरनेट पर सेंसर को लेकर चीन और अमरीका के संबंध तनावपूर्ण हैं.

लेकिन अमरीका का कहना है कि इन हथियारों से सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण और किसी से हमले से बचाव क्षमता में ताइवान को मदद मिलेगी.

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