जर्मनी में स्विस बैंकों की जानकारी पर बहस

Image caption जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने टैक्स चोरों पर नकेल कसने की बात की है.

जर्मनी में एक शख्स के सरकार को 35 लाख डॉलर के एवज़ में डेढ़ हज़ार जर्मन नागरिकों के स्विस बैंक अकाउंट्स की जानकारी देने की पेशकश पर जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि जर्मनी को टैक्स चोरी करने वालों के बारे में जानकारी जुटाने की हर मुमकिन कोशिश करेगी.

खबरों के मुताबिक ये शख्स कंप्यूटर विशेषज्ञ है और इससे पहले ये जेनेवा के एचएसबीसी बैंक में काम करता था.

इससे पहले भी जर्मन सरकार ने इस जानकारी के लिए पैसे देने के बारे में दिलचस्पी दिखाई थी.

चांसलर मर्केल ने कहा है, "मैं टैक्स चोरी पर लगाम लगाना चाहती हूं. अगर ये जानकारी उपयुक्त है तो हमें इसे लेना चाहिए."

जानकारी ख़रीदने पर बहस

इस गोपनीय जानकारी को ख़रीदने पर कई दिनों से राजनेताओं, पादरियों और सुरक्षा अधिकारियों के बीच बहस छिड़ी हुई है.

वैसे आर्थिक दृष्टिकोण से ये बुरा सौदा नहीं होगा. इस शख्स को 35 लाख डॉलर के बदले मिलने वाली इस जानकारी से जर्मन सरकार सौ करोड़ डॉलर तक वसूल सकती है.

जर्मनी के वित्त मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर फ़ैसला लेने के लिए दो साल पुराने मामले का हवाला दिया है. तब जर्मनी ने एक हज़ार टैक्स चोरी करने वालों की जानकारी के एवज़ में क़रीब 70 लाख डॉलर दिए थे.

इस ताज़ा मामले के सुर्खियों में आने से स्विट्ज़रलैंड के बैंकों की गोपनीयता पर फिर उंगलियां उठ सकती हैं.

स्विट्ज़रलैंड की राष्ट्रपति ने विदेशी सरकारों से ग़ैरकानूनी ढंग से प्राप्त की गई जानकारी को इस्तेमाल न करने का अनुरोध किया है.

उनके अनुसार ये अपराधियों के साथ व्यापार करने के बराबर होगा.

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