कृपाण धारण करने की अनुमति हो

सर मोटा सिंह
Image caption सर मोटा सिंह जज हैं लेकिन कोर्ट में वो विग की बजाय सफ़ेद पगड़ी पहनते हैं

ब्रिटेन के पहले एशियाई जज सर मोटा सिंह का कहना है कि ब्रिटेन में सिखों को स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर कृपाण धारण करने की अनुमति होनी चाहिए.

ब्रिटेन में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब सिखों को कृपाण और अन्य धार्मिक चिन्ह धारण करने के कारण किसी स्थान पर जाने से रोका गया है.

सर मोटा सिंह क्यूसी ने इस मामले पर ख़ास तौर पर स्कूलों की आलोचना की है.

सर मोटा सिंह ने बीबीसी एशियन नेटवर्क से बातचीत में कहा, ‘‘ किसी सिख को कृपाण धारण करने से रोकना उचित नहीं है.’’

पिछले वर्ष एक सिख पुलिसकर्मी को दंगों से निपटने के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग के दौरान पगड़ी उतारने को कहा गया था. जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने अपील की और वो यह मामला जीत गए थे.

समस्या नहीं है

लंदन के बारनेट में एक स्कूली बच्चे को स्कूल में कृपाण लेकर आने से रोका गया था.

2008 में 14 वर्षीय सारिका सिंह ने अपने स्कूल पर मुकदमा दर्ज़ किया था क्योंकि स्कूल ने उन्हें कड़ा पहनकर आने से मना किया था.

सर मोटा सिंह को 2010 में नाइटहुड की उपाधि मिली है. उनका कहना था, ‘‘मैं इस बात में कोई समस्या नहीं पाता कि किसी युवा सिख को कृपाण पहनने की अनुमति दी जाए. मैं पिछले 35-40 वर्षों से कृपाण धारण करता हूं. कोर्ट में और सार्वजनिक स्थानों पर. यहां तक कि बकिंघम पैलेस में भी मैंने कृपाण धारण किया हुआ था.’’

उनका कहना था ये मुद्दे संवेदनशील हैं और इन पर पर्याप्त संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए.

मोटा सिंह का कहना था कि लड़कियों को कड़ा पहनने से रोकना स्कूल प्रशासन के लिए क्षुद्र सी बात है.

सिख धर्म में कड़ा और कृपाण हमेशा धारण करनी होती हैं. इसके अलावा केश नहीं कटाने होते, कंघा रखना होता है और कच्छा धारण करना होता है.

ब्रिटेन में कृपाण धारण करने को लेकर ये निर्देश हैं कि हर स्कूल अपने हिसाब से नीति बना सकता है लेकिन अगर इसे चुनौती दी जाए तो मामला कोर्ट में जाता है.

कृपाण धारण करने वाले सिखों पर ब्रिटेन में आक्रामक हथियार के तहत मामला दर्ज़ नहीं किया जाता है. सर मोटा सिंह कहते हैं कि 11 सितंबर और चाकू से होने वाले हमलों में बढ़ोतरी के कारण सिखों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

सर मोटा केन्या के नैरोबी शहर में पैदा हुए थे और 1954 में पढा़ई के लिए इंग्लैंड आए थे.

वो अभी जज हैं और अदालत में विग की बजाए सफेद पगड़ी पहनते हैं.

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