बर्फबारी से ह्वाइट हाउस हुआ मटमैला

ह्वाइट हाउस
Image caption वॉशिंगटन में संघीय सरकार ने लगातार तीसरे दिन छुट्टी की घोषणा की है.

अमरीका की राजधानी वाशिंगटन के इंडिपेन्डेंस एवेन्यू पर लगी ट्रैफ़िक लाइट के अलावा राजधानी की कोई भी चीज काम नहीं कर रही है. उसकी लाल, हरी और पीली बत्तियाँ लगातार जल-बुझ रही हैं.

इन ट्रैफ़िक लाइटों के अलावा यहाँ कोई भी चीज़ काम नहीं कर रही है और न काम करती हुई प्रतीत हो रही हैं.

संघीय सरकार ने लगातार तीसरे दिन छुट्टी की घोषणा की है. अमरीकी राष्ट्रपति के निवास और कार्यालय ह्वाइट हाउस की छत पर तैनात सुरक्षाकर्मी हिम मानव येती की तरह नज़र आ रहे हैं.

थम गया है शहर

अगर कोई अमरीकी राष्ट्रपति की कुर्सी पर निशाना भी लगाना भी चाहे तो नहीं लगा पाएगा क्योंकि वह पूरी तरह सफेद हो चुके ह्वाइट हाउस पर निशाना लगाएगा तो लगाएगा कहां.

आसमान से गिर रही बर्फ की वजह से ह्वाइट हाउस बदल कर 'मटमैला हाउस' हो गया है.

मैंने वहाँ स्की पर आए एक अकेले व्यक्ति को देखा. आजकल स्की ही इस शहर में आने-जाने का एकमात्र भरोसेमंद साधन है.

इसके अलावा वहाँ एक पुलिसकर्मी भी था. लग रहा था कि वह अपनी गाड़ी न छोड़ने की प्रतिज्ञा कर चुका है. वहीं जापान के किसी टीवी चैनल की एक टीम भी ठंड से कांप रही थी.

दिग्गज योद्धा

वहाँ कांसिपिकान पिकिटो भी थीं. आपने उनके बारे में शायद न सुना हो लेकिन वो वॉशिंगटन की एक दिग्गज हस्ती हैं. वो ह्वाइट हाउस की सीढ़ियों पर 1981 से रह रही हैं.

ह्वाइट हाउस में चाहे कोई रिपब्लिकन राष्ट्रपति रहे या डेमोक्रेट. रोनाल्ड रीगन हों या बुश या क्लिंटन या ओबामा, वो व्यापक विनाश के परमाणु हथियारों के निर्माण और विश्वयुद्ध के ख़िलाफ़ अपना अभियान चलाती रहती हैं.

Image caption बर्फ की वजह से ह्वाइट हाउस का रंग बदल कर मटमैला हो गया है.

मैंने उनसे पूछा कि वो बर्फयुद्ध के बारे में क्या सोचती हैं. इससे वो कुछ विचलित दिखीं.

चिथड़ों और प्लास्टिक से बने अपने तंबू में वो विनाशकारी हथियारों के विरुद्ध अपना भाषण जारी रखती हैं इसके बाद भी कि उन्हें सुनने वाला एक मात्र कौवा ही है.

वो फुफकारते हुए कहती हैं, ''मेरा भी दिन आएगा.''हम अपने बहाने बनाते हैं और छोड़ देते हैं.

मेरे सहयोगी केविन कोनली, जो मास्को में रहते हैं, इस बात से आश्चर्यचकित थे कि इस शहर ने सड़कों को जोड़ना छोड़ दिया है. उनका कहना था कि अगर रूस में ऐसा हो जाए तो शहर महीनों तक के लिए वीरान हो जाएँगे.

वाशिंगटन ने बुनियादी बातों का त्याग कर दिया है लेकिन इससे भविष्य में होने वाली सफ़ाई में और दिक्कतें होने वाली है.

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