'भारत जाकर पद्म पुरस्कार लूँगा'

संत सिंह चटवाल और हिलेरी क्लिंटन
Image caption भारत सरकार के अनुसार संत सिंह चटवाल को अमरीका-भारत के रिश्ते मज़बूत करने के लिए पुरस्कार दिया जा रहा है

अमरीका में भारतीय मूल के व्यापारी संत सिंह चटवाल का कहना है कि वह सारे विवादों के बावजूद ख़ुद ही भारत जाकर पद्म भूषण पुरस्कार ग्रहण करेंगे.

उनका कहना था, “जी हाँ, मैं ज़रूर जाऊँगा. यह तो मेरे लिए बहुत ही सम्मान की बात है. सरकार ने मुझे 30 साल की सेवा के बाद यह मौक़ा दिया है तो हम तो ज़रूर जाएंगे.”

चटवाल को पद्म भूषण पुरस्कार की सूची से निकाले जाने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मांग के जवाब में उनका कहना है कि उन्होंने भारत के हित के लिए कई वर्षों से अमरीका में काम किया है और इसलिए उनको सम्मानित किया जा रहा है.

उनका कहना था, “मेरे लिए यह तो बहुत दुख की बात है कि आप अपनी मातृभूमि के लिए 30 साल काम करते रहें और इसके लिए अगर सरकार मुझे सम्मानित कर रही है, तो कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक मामला बना दिया है. यह कुछ लोगों की शैतानी है. इस पुरस्कार को इन लोगों ने तो एक तमाशा बना दिया है.”

भारत-अमरीका के हितैषी

भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस के मौक़े पर पद्म भूषण पुरस्कारों की घोषणा की थी जिनमें बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान, संगीतकार एआर रहमान जैसी हस्तियों के साथ अमरीका में कई होटलों के मालिक संत सिंह चटवाल का भी नाम शामिल है.

भारत सरकार का कहना है कि संत सिंह चटवाल को अमरीका और भारत के बीच रिश्ते मज़बूत करने में उनके योगदान के लिए पद्मभूषण सम्मान से नवाज़ा जा रहा है.

मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा यह कहकर इसका विरोध कर रही है कि संत सिंह चटवाल कथित तौर पर कई बैंक घोटालों में शामिल रहे हैं इसलिए उनका नाम पद्मभूषण सम्मान की सूची में शामिल ही नहीं किया जाना चाहिए.

संत सिंह चटवाल के बचाव में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर यह साफ़ किया कि अब चटवाल के ख़िलाफ़ कोई मामला नहीं चल रहा है और उनको यह सम्मान दिए जाने में कोई रुकावट नहीं है.

चटवाल ने बीबीसी हिंदी से बात करते हुए भारत में मीडिया पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि मीडिया ने भी इस मामले में बढ़ा चढ़ा कर खबरें छापी हैं.

वह कहते हैं,“मुझे तो बहुत अजीब लगता है कि 30 साल काम करने के बाद मुझे यह सम्मान दिया जा रहा है लेकिन भारत में समाचार पत्रों और टेलीविज़न पर इस मामले पर उठे विवाद को ही इतनी प्राथमिकता दी जा रही है जैसे कोई और ख़बर ही नहीं है.”

'काम की सराहना'

Image caption भारतीय जनता पार्टी ने चटवाल को पुरस्कार देने का विरोध किया है

उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि आख़िरकार भारत सरकार ने उनके काम को सराहा है और उनको सम्मानित करने का फैसला किया है.

उधर भारतीय समाचारपत्रों में कई दिनों से ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि संत चटवाल अमरीका और भारत में विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में कथित तौर पर शामिल हैं.

लेकिन चटवाल का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ अब कोई मामला नहीं है. बल्कि वह अमरीका में राष्ट्रपति बराक ओबामा, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, उप राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडन और विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ अपने निकट संबंधों का हवाला देते हुए कहते हैं कि इन लोगों को उन्होंने चुनाव के दौरान चंदे भी दिए थे.

पद्म भूषण पुरस्कार भारत का एक उच्च नागरिक सम्मान है और भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल अगले महीने पुरस्कार के लिए चुने गए लोगों को सम्मानित करेंगी.

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