इसरायली सेना की महिला सैनिक

याइल किड्रौन
Image caption सीमाओं की रक्षा करती हैं इसरायली लड़ाकू बटालियन की महलाएं

याइल किड्रौन इसरायली सेना में अपने पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा में तैनात हैं.

नेगेव रेगिस्तान के इलाक़े में कराकल बटालियन उनका बेस है, जहां पुरुषों के साथ महिलाएं भी तैनात हैं.

लड़ाकू दस्ते में शामिल होने की वजह बताते हुए याइल कहती हैं कि वो सिर्फ काग़ज़ी काम के बजाए पुरुषों की तरह शारीरिक तौर पर चुनौती पूर्ण काम करना चाहती थी.

पुरुषों की तरह

कराकल में महिला सैनिकों की भी वही ज़िम्मेदारियां होती हैं जो पुरुषों की हैं.

याइल लड़ाकू सैनिक के सामने आने वाली सभी चुनौतियों से जूझना जानती हैं. उनका कहना है, “बंदूक चलाना एक बेहद बेहतरीन अनुभव हैं जो मुझे बेहद पसंद है.”

याइल कहती हैं कि वे टैंटों में रहती हैं और अपने आरामदायक बिस्तर से निकल कर इस तरह की ज़िदगी जीना आसान नहीं हैं लेकिन उन्हें ये भी पसंद है.

हर रोज़ सुबह उठते ही ये नहीं सोचना पड़ता कि आज कौन से कपड़े पहने जाएं, क्योंकि वर्दी तो वही है, ज़ैतून के रंग की पैंट और शर्ट.

वो कहती हैं, 'हम इस बटालियन में अपने हथियारों के नाम भी रखती हैं. मैंने अपनी बंदूक का नाम रखा है ब्लैक जैक, क्योंकि वो काले रंग की है. मुझे यही नाम पसंद है.'

ये इसरायल में बनी एक मशीन गन है जिससे ज़बर्दस्त गोलीबारी होती है.

हथियार हर समय साथ

वो बताती हैं, 'ये हथियार आपका अपना होता है, हर समय साथ रहता है, यहां तक कि सोते समय भी इसे सर के पास रख कर सोना होता है.'

ये महिलाओं का हथियार है ही नहीं, ये तो पुरुषों का हथियार है, लेकिन यही तो इस लड़ाकू दस्ते में शामिल होने का मज़ा है. आप ये भूल जाते हैं कि आप महिला हैं.

याइल मानती हैं कि इसरायली लड़ाकू दस्ते में महिलाओं का होना एक अच्छी बात है. और उनहें पुरुषों के बराबर शारीरिक और चुनौती पूर्ण काम करने का मौक़ा दिया जाता हैं.

फिलहाल इस दस्ते में महिलाएं बंदूक भी चलाती है. डॉक्टर भी है, और अफ़सर भी. पायलट यूनिट में भी महिलाएं हैं.

याइल का कहना है कि बाक़ी देशों को भी चाहिए कि वे अपनी सेना में महिलाओं की भरती करें क्योंकि महिलाएं देश की रक्षा के लिए बहुत कुछ कर सकती है.

Image caption अमरीका, इसराइल, कनाडा और ब्रिटेन में महिला सैनिकों का प्रतिशत

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