चीन से पांडा उधार लेगा जापान

विशालकाय पांडा
Image caption पांडा एक विलुप्त हो रही प्रजाति है

जापान दस लाख डॉलर (लगभग 48 लाख रुपए) देकर चीन से पांडा की एक जोड़ी उधार पर लेने जा रहा है.

टोक्यो के गवर्नर शिंतारो इशिहारा ने कहा है कि पचास हज़ार डॉलर की छूट मिलने के बावजूद ये दाम ज़्यादा है.

दस लाख डॉलर की इस राशि का इस्तेमाल चीन में पांडा संरक्षण परियोजनाओं और 2008 में सिशुआं प्रांत में आए भूकंप से तबाह हुए अभ्यारण्य को दोबारा बसाने में किया जाएगा.

पांडा की यह जोड़ी जापान की राजधानी टोक्यो के उएनो चिड़ियाघर में रखे जाएंगे. उएनो चिड़ियाघर का आखिरी विशाल पांडा, लिंगलिंग, नर था. वर्ष 2008 में उसकी मौत हो गई थी.

इशिहारा ने कहा कि पूरे जापान से उन्हें कई लोगों ने चिड़ियाघर में दोबारा पांडा देखने की प्रबल इच्छा जताते हुए पत्र भेजे थे.

जापान की क्योदो न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक इशिहारा ने कहा, "पांडा एक विलुप्त होती प्रजाति है और सभी उन्हें देखना पसंद करते हैं."

22 साल की उम्र में दिल की बीमारी से लिंगलिंग की मौत के बाद, देश भर से लोगों ने उसकी याद में तोहफ़े और संवेदना पत्र भेजे थे.

लिंगलिंग के पिंजड़े में उसकी तस्वीर के साथ उसके पसंदीदा बैम्बू शूट्स भी रखे गए थे.

दोस्ती के भाव को दिखाने के लिए चीन अक्सर अपने पांडा के जोड़े और देशों को उधार पर देता है.

इन देशों में पांडा के जोड़े प्रजनन कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं लेकिन बाद में चीन को लौटा दिए जाते हैं.