वैलेंटाइन डे पर कार्ड देने से मनाही

वेलेंटाइन डे उपहार
Image caption स्कूल ने अभिभावकों से कार्ड ज़ब्त करने के लिए कहा है.

ब्रिटेन में एक प्राइमरी स्कूल ने अपने परिसर में विद्यार्थियों के बीच वैलेंटाइन कार्ड के आदान-प्रदान पर रोक लगा दी है लेकिन कई लोगों ने स्कूल के इस क़दम की आलोचना की है.

रोक के पीछे हेडमास्टर की दलील है कि अगर कोई छात्र किसी का प्रेम प्रस्ताव ठुकरा देता है तो इससे निपटने के लिए बच्चे भावनात्मक रुप से परिपक्व नहीं हैं.

इस मामले पर शिक्षक पीटर टर्नर ने अभिभावकों से कहा है कि बच्चे अगर कार्ड लाते हैं तो उन्हें ज़ब्त कर लिया जाए.

स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र की माँ का कहना है, “मेरा मनना है कि ये सख़्त क़दम है. ये सब अभी बच्चे हैं. इनका मज़ा क्यों खराब करें?”

ऐसी ही एक और अभिभावक कहती है, “सच में यह हास्यास्पद है. जब मैंने सूचना पत्र देखा तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ.”

वो कहती हैं, “मेरा बेटा छह वर्ष का है और वह जब नर्सरी में था तब से उसकी एक गर्लफ्रेंड है. उनका कहना है कि वे लोग शादी करेंगे, लेकिन हम लोग उनमें ऐसा कुछ नहीं देख रहें हैं.”

सूचना पत्र में पीटर टर्नर ने कहा है कि जब बच्चे प्यार के इज़हार की इस कोशिश में नकार दिए जाते हैं या रिजेक्ट कर दिए जाते हैं तब इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है.

उनका कहना है कि बच्चे जब तक भावनात्मक और सामाजिक रुप से मज़बूत नहीं हो जाते हैं और गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड के बीच की ज़िम्मेदारी को समझ नहीं लेते हैं तब तक उन्हें इंतज़ार करना चाहिए.

इसी स्कूल के एक सात वर्षीय छात्र की माँ इसे सरासर मूर्खता करार देती हैं.

उनका कहना है, “ये एक परंपरा है, मुझे याद है जब हम स्कूल में थे तब हमें लड़कों से कार्ड मिलते थे. ये बहुत ही मज़ेदार काम है. ज़्यादातर माता-पिता इस पर हंस रहें हैं, लेकिन ये क्या हो रहा है इस पर बच्चे आश्चर्यचकित हैं क्योंकि वे पहले ही कार्ड भेज चुके हैं.”

कंज़रवेटिव पार्टी के सांसद एन विडकॉब ने भी इस पहल का विरोध किया है.

उनका कहना है,“ये केवल वर्ष में एक बार होता है, इसका उस उम्र के बच्चों से कुछ लेना देना नहीं हैं.”

नॉर्थ सोमरसेट काउंसिल के प्रवक्ता ने कहा कि अगर कोई माता-पिता इस विषय पर बात करना चाहें तो हेडमास्टर को खुशी होगी.

उनका कहना है, “एशकॉंम्ब एक प्राइमरी स्कूल है और उनका मानना है कि 11 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का इस समय भावनात्मक और सामाजिक रुप से विकास हो रहा होता है. ऐसे में प्यार का इज़हार करते कार्ड भ्रम फैला सकते हैं. कोई परिवार अगर कार्ड भेजना चाहता है तो उन्हें कहा गया है कि या तो इसे पोस्ट से भेजें या उनके घर जाकर दें.”

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