'छात्रों के लिए ऑस्ट्रेलिया सुरक्षित है'

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों का प्रदर्शन
Image caption ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों को हाल में हिंसा का सामना करना पड़ा है

तीन नए सर्वेक्षणों में बताया गया है कि ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की भारी संख्या वहाँ सुरक्षित और प्रसन्न समझते हैं जिनमें भारतीय छात्र भी शामिल हैं.

जेडब्ल्यूटी एजूकेशन नामक संगठन ने दिसंबर 2009 में 1642 अंतरराष्ट्रीय छात्रों में एक सर्वेक्षण किया था जिनमें 500 भारतीय छात्र भी थे. सर्वेक्षण में पाया गया है कि इन छात्रों ने अध्ययन के लिए ऑस्ट्रेलिया को इसी लिए चुना कि वे वहाँ सुरक्षित महसूस करते हैं.

साथ ही ऑस्ट्रेलिया का बहुसांस्कृतिक और सहिष्णु समाज अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने वाला दूसरा सबसे बड़ा प्रेरक रहा.

द फ़ैडरेशन ऑफ़ इंडियन एसोसिएशंस ऑफ़ विक्टोरिया (FIAV) नामक संगठन ने भी जनवरी-फ़रवरी 2010 में 513 भारतीय छात्रों के बीच सर्वेक्षण किया जिसमें भारी संख्या में ये छात्र ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन के लिए आने के अपने फ़ैसले पर ख़ुश थे.

फ़ैडरेशन ने जिन लोगों का सर्वेक्षण किया उनमें लगभग तीन चौथाई छात्रों ने कहा कि वे जहाँ अध्ययन और काम करते हैं, वहाँ सुरक्षित महसूस करते हैं.

FIAV के अध्यक्ष वासन श्रीनिवासन ने कहा, "ये सर्वेक्षण दिखाता है कि भारतीय छात्रों की एक भारी संख्या अब भी विक्टोरिया को अध्ययन के लिए एक सुरक्षित मंज़िल समझती है जहाँ वे अच्छी क़िस्म की शिक्षा हासिल करते हैं और एक बेहतर ज़िंदगी भी."

समस्या गंभीर

Image caption हालाँकि सर्वेक्षणों में ऑस्ट्रेलिया को सुरक्षित बताया गया है

विक्टोरिया विश्वविद्यालय के एक अलग से कराए गए सर्वेक्षण में छात्रों ने बहुसंख्या में मेलबॉर्न को सुरक्षित बताया है, हालाँकि कुछ छात्रों ने मेलबॉर्न को अनुमान से कुछ कम सुरक्षित पाया. भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त पीटर वर्गीज़ ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि हम अंतरराष्ट्रीय छात्रों के विचारों को निकटता से समझें ताकि इस मुद्दे पर सरकार के रुख़ को लागू करते समय इन्हें ध्यान में रखा जा सके, और सरकार बिल्कुल वही कर रही है."

उन्होंने कहा, "उनके विचार बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे शिक्षा व्यवस्था और शहरी ढाँचे को आकार देने में मदद मिलती है जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों की ज़रूरतों को ध्यान में रखता है."

पीटर वर्गीज़ ने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे शहरों में तमाम अंतरराष्ट्रीय छात्र सुरक्षित महसूस करें और स्मरणीय शैक्षिक अनुभव हासिल करें. कुछ समस्याएँ अवश्य रही हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया सरकार उन्हें हर स्तर पर हल करने के लिए संकल्पबद्ध है."

ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री ने नौ फ़रवरी को संसद में कहा था कि हाल के समय में छात्रों पर हुए हमले अक्षम्य हैं. ऑस्ट्रेलिया को इन्हें बहुत गंभीरता से लेना होगा और सरकार वही कर रही है.

उन्होंने कहा, "सरकार इस समस्या का सामना करने के लिए हर स्तर पर एकजुट होकर काम कर रही है."

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