'हाँ मैंने दोस्त को मार दिया क्योंकि...'

बीबीसी प्रसारक रेय गोज़लिंग
Image caption रेय गोज़लिंग ने ये बताने से इनकार किया कि उन्होंने किसे, कब और कहाँ मारा

बीबीसी के एक टेलीविज़न प्रसारक रेय गोज़लिंग को उसके इन दावों के बाद गिरफ़्तार किया गया है कि उसने अपने समलैंगिक दोस्त को इसलिए मार दिया था कि वो एड्स से पीड़ित था और बहुत तकलीफ़ में था.

रेय गोज़लिंग ने हाल ही में टेलीविज़न पर एक कार्यक्रम में यह स्वीकारोक्ति की थी.

रेय गोज़लिंग ने बीबीसी के ही एक कार्यक्रम में यह बात ज़ाहिर की थी कि उनके समलैंगिक दोस्त किस तरह एड्स की तकलीफ़ से गुज़र रहे थे और अस्पताल में किस तरह उसका इलाज चल रहा था.

और ये कि उनके बीच एक समझौता हुआ था कि जब तकलीफ़ हद से गुज़र जाए तो रेय गोज़लिंग अपने दोस्त की ज़िंदगी समाप्त कर देंगे.

टेलीविज़न प्रसारक रेय गोज़लिंग ने इस सनसनीख़ेज़ स्वीकारोक्ति के बाद ये भी कहा कि वो पुलिस के साथ इस मामले में सहयोग नहीं करेंगे और ये भी नहीं बताएंगे कि उन्होंने किसे, कब और कहाँ मारा.

गोज़लिंग का कहना है कि उन्हें अपने इस क़दम पर कोई अफ़सोस नहीं है.

रेय गोज़लिंग ने कहा था, "डॉक्टरों ने कहा था कि अब कुछ नहीं हो सकता है और मेरा दोस्त बहुत ही ज़्यादा तकलीफ़ में था. मैंने डॉक्टरों से कहा था कि हमें कुछ देर के लिए अकेला छोड़ दीजिए और जैसे ही डॉक्टर बाहर गया मैंने एक तकिया उठाया और अपने दोस्त की साँस तकिए से तब तक रोके रखी जब तक कि उसने दम नहीं तोड़ दिया."

गोज़लिंग के इस वक्तव्य और अब गिरफ़्तारी ने ब्रिटेन में काफ़ी समय से चली आ रही इस बहस में नई जान फूँक दी है कि क्या किसी व्यक्ति को अन्य व्यक्ति की मौत में सहायता करने का अधिकार है.

आत्महत्या में सहायता करना भी इच्छामृत्यु की ही तरह एक आपराधिक कृत्य है.

हाल के समय में अदालतों में अनेक ऐसे महत्वपूर्ण मामले आए हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर गरमागरम बहस छेड़ रखी है.

सरकार ने इस मामले में कुछ अंतरिम दिशा निर्देश प्रकाशित किए हैं और कोई स्थाई नीति बनाने से पहले इस मुद्दे पर आम लोगों से राय माँगी जा रही है.