जमैका में भारतीय कारोबारी की हत्या

पुलिस
Image caption लवनीश के परिवार के सामने बड़ी समस्या उनके शव को भारत वापस लाने की है

जमैका में जोधपुर के एक व्यापारी की गुरुवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई. हिंसा की घटनाएं रोज़मर्रा की ख़बरों में आम तौर पर होती हैं पर इस घटना ने व्यवसायी लवनीश आनंद के परिवार को हिलाकर रख दिया है.

स्थिति यह है कि परिवार के लोग मृतक का शव वापस भारत लाने की कोशिश में लगे हैं पर यह इतना खर्चीला काम है कि आनंद परिवार को काफी तकलीफ से गुज़रना पड़ रहा है.

हादसे के शिकार 34 वर्षीय लवनीश आनंद वहां इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद का शो रूम चलाते थे. जमैका में कामकाज करते उन्हें अभी दो साल का वक़्त ही बीता था कि ज़िंदगी ने उनका साथ छोड़ दिया.

घटना का ज़िक्र करते हुए लवनीश के बड़े भाई मुकेश आनंद का गला भर आया. उन्होंने कहा, ''हमारे परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है. अब हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या भाई के शव को वापस जोधपुर लाने की है. यह काफी खर्चीला काम है."

आनंद के परिवार ने बीबीसी को बताया की लवनीश गत दो साल से जमैका की राजधानी किंग्स्टन में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का व्यापार करते थे. वे अफ्रीकी देश लाइबेरिया से किंग्स्टन पहुंचे थे.

हादसा

परिवार के मुताबिक यह हादसा तब हुआ जब लवनीश गुरुवार की शाम दुकान बंद कर कार में बैठे कि तभी अचानक एक शूटर ने गोली चलाना शुरू कर दिया. लवनीश की पत्नी दीपिका भी साथ में थीं. हालांकि लवनीश ने कोशिश करके पत्नी की जान बचा ली पर वे खुद अपनी जान गंवा बैठे.

अब दीपिका किंग्स्टन में अपने डेढ़ साल के बेटे के साथ अकेली हैं. पति की हत्या से दीपिका का तो संसार ही उजड़ गया. एक अजनबी मुल्क में उनका आंसू कौन पोंछेगा. जोधपुर में उनके परिजनों को अब दीपिका और उनके बेटे की यही चिंता सताए जा रही है.

मुकेश ने बताया, ''किंग्स्टन में भारतीय दूतावास हमारी पूरी मदद कर रहा है. दूतावास ने परिवार को सुरक्षा भी मुहैया कराई है. चूंकि किंग्स्टन में हफ्ते में दो बार ही पोस्टमॉर्टम होता है. इसलिए मंगलवार को ही लवनीश के शव का पोस्टमॉर्टम हो पाएगा. इसके बाद ही शव लाने की कार्यवाही पूरी हो सकेगी."

लवनीश का छोटा भाई नितिन लाइबेरिया से किंग्स्टन रवाना हो चुका है.

मृतक के परिवार का मानना है कि इस घटना की वजह कारोबारी प्रतिस्पर्धा हो सकती है. क्योंकि लवनीश अभी दो तीन दिन पहले ही अमरीका से एक बड़ा ऑर्डर दे कर लौटा था.

अभी तीन माह पहले ही लवनीश के पिता का निधन हुआ था. उनका परिवार अभी इस सदमे से उबर ही नहीं पाया था कि एक और विपदा आ पड़ी.

लवनीश के परिवार के एक रिश्तेदार विशु कौशल ने बताया, ''लवनीश की बूढ़ी माँ का रो-रोकर बुरा हाल है. वो अपने लाडले का आखिरी बार चेहरा देखना चाहती हैं. लेकिन शव आने में वक़्त लग रहा है. हमारे लिए लवनीश की माँ को संभालना मुश्किल हो रहा है."

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