हमास नेता की हत्या का समर्थन

Image caption हमास नेता महमूद अल मबहूह की दुबई में हत्या कर दी गई थी

इसराइल में विपक्ष की नेता ज़िपी लिवनी ने दुबई में फ़लस्तीनी संगठन हमास से जुड़े एक व्यक्ति की हत्या का स्वागत किया है.

इस कांड के पीछे इसराइल के एजेंटों का हाथ बताया जा रहा है.

लिवनी ने कहा है कि सबसे बड़ी बात है कि एक "आतंकवादी" मारा गया है. इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि वो ग़ज़ा में मारा गया है या दुबई में.

इसराइल के किसी बड़े नेता का इस मामले पर ऐसा पहला बयान है.

हमास नेता महमूद अल मबहूह की लाश 20 जनवरी को उनके कमरे से मिली थी. बिजली का करंट लगाकर और गला घोंट कर उनकी हत्या की गई थी.

आरोप

संदिग्ध हत्यारों ने ब्रिटेन, आयरलैंड, जर्मन और फ़्रांस के जाली पासपोर्टों का इस्तेमाल किया था. उनमें से किसी को भी पकड़ा नहीं जा सका है.

मबहूह ने हमास की सैन्य शाखा की स्थापना में मदद की थी.

इस हत्याकांड के पीछे इसराइली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद का हाथ बताया जा रहा है लेकिन इसराइल का कहना है कि उसके एजेंटों की भूमिका का कोई सबूत मौजूद नहीं है.

पूर्व विदेश मंत्री ज़िपी लिवनी ने भी इस बात का ज़िक्र नहीं किया कि हमास नेता की हत्या में किसका हाथ है.

यरूशलम में यहूदियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ रहे सभी लोगों को इस घटना का समर्थन करना चाहिए.

आतंकवाद और उसके ख़िलाफ़ लड़ रहे लोगों के बीच किसी भी तरह की तुलना को उन्होंने अनैतिक बताया.

पिछले हफ़्ते इसराइल के विदेश मंत्री एविग्दोर लीबरमैन ने हत्याकांड में मोसाद का हाथ होने के आरोपों का ये कह कर जवाब दिया कि ऐसे आरोपों पर "इसराइल कभी प्रतिक्रिया नहीं देता, कभी पुष्टि नहीं करता और कभी खंडन नहीं करता."

दुबई के सुरक्षा कैमरों में ऐसे 18 लोगों की तस्वीरें आई हैं जिन्हें स्थानीय पुलिस हत्यारों का दस्ता मानती है.

इस हत्याकांड के बाद पश्चिमी देशों और इसराइल के बीच कूटनैतिक तनाव उभर आया है.

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