'छात्रों पर हमले नस्लवाद से प्रेरित'

Image caption भारतीय छात्रों पर हुए हमलों के विरोध में मैलबर्न में प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री स्टीवन स्मिथ ने स्वीकार किया कि भारतीय छात्रों पर हुए कई हमले नस्लवाद से प्रेरित थे.

स्टीवन स्मिथ तीन दिन की भारत यात्रा पर हैं और बुधवार को उनकी भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से कई विषयों पर बातचीत हुई.

विदेश मंत्री कृष्णा ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा के विषय पर भारत की चिंता व्यक्त की और ऑस्ट्रेलिया की सरकार से मांग की कि वह और प्रभावी क़दम उठाए.

ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री ने माना की कुछ हमले अवश्य ही नस्लवादी थे.

उन्होने कहा, “ये बहुत ही घृणित हमले थे. हम आधुनिक ऑस्ट्रेलिया की बेहतर छवि प्रस्तुत करने के लिए कई क़दम उठा रहे हैं”.

स्टीवन स्मिथ ने भारत के मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल से भी मुलाक़ात की और उन्हे उन क़दमों के बारे में बताया जो उनकी सरकार ने उठाए हैं.

स्मिथ ने गृहमंत्री पी चिदम्बरम से भी भेंट की और दोनों ने अक्तूबर में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान सुरक्षा तैयारियों पर बातचीत की.

भारतीय छात्रों पर हमले

भारतीय छात्रों पर पिछले साल मई से हमले शुरु हुए जिससे दोनों देशों के संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा.

ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीयों पर हुए हमलों के 70 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें से कई नस्लवाद से प्रेरित थे.

पिछले साल जब स्टीवन स्मिथ लंदन में एसएम कृष्णा से मिले थे तो उन्होने भारतीय छात्रों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कई क़दमों की जानकारी दी थी.

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री केविन रुड जब नवंबर 2009 में भारत आए थे तो उन्होने ऐसे अपराधों के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरैंस’ का वादा किया था. लेकिन एस एम कृष्णा ने राज्यसभा को बताया कि तब से चार भारतीयों की हत्या हो चुकी है.

ऑस्ट्रेलिया में कोई 1.2 लाख भारतीय छात्र हैं. लेकिन मैलबर्न और सिडनी में हुए हमलों के कारण छात्र वहां जाने के इच्छुक नहीं हैं.

इस बार पिछले सालों के मुक़ाबले छात्र वीज़ा के आवेदनों में 46 प्रतिशत की गिरावट आई.

विदेशी छात्रों से ऑस्ट्रेलिया को 13 अरब डॉलर की आय होती है. लेकिन इन हमलों के कारण ऑस्ट्रेलिया की छवि को गहरा धक्का लगा है.

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