लूटपाट के बीच शांति की अपील

चीली की राष्ट्रपति ने भूकंप प्रभावित शहर कॉन्सेप्सियॉन में शांति बनाए रखने की अपील की है.

उन्होंने कहा कि जो लोग लूटपाट और हिंसा करेंगे उनके ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाए जाएँगे.

शनिवार को आए भूकंप के बाद शहर में कई जगह लूटपाट की घटनाएँ हुई हैं जिसके बाद सेना को बुलाना पड़ा.

राष्ट्रपति मिचेल बैचलेट ने बताया है कि इलाक़े में चौदह हज़ार सैनिक तैनात किए गए हैं. सोमवार को कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कॉन्सेप्सियॉन शहर में गली-नुक्कड़ों पर पुलिस तैनात हैं लेकिन राहत सामग्री अभी तक नहीं पहुँची है.

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि भूकंप से मरने वालों की संख्या 795 हो गई है जबकि 19 लोग लापता हैं.

राजधानी से कॉन्सेप्सियॉन शहर तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए विशेष हवाई मार्ग चिन्हित किया गया है. इस हवाई मार्ग के ज़रिए 120 टन खाद्य सामग्री भेजी जाएगी.

लूटपाट से चिंता

कॉन्सेप्सियॉन में क़ानून व्यवस्था की स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है.

राष्ट्रपति ने लूटपाट करने वालों को आगाह करते हुए कहा, हम लुटेरों को समझाना चाहते हैं कि उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी क़दम उठाए जाएँगे.

शहर के पांच लाख में ज़्यादातर लोगों के पास खाने का सामान नहीं है और बिजली की आपूर्ति भी बंद है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राहत एजेंसियाँ अभी कॉन्सेप्सियॉन नहीं पहुँची हैं.

चिली के अन्य इलाक़ों से तबाही की सही तस्वीर अब सामने आने लगी है. कूरिको के ऐतिहासिक शहर में 90 फ़ीसदी लकड़ी और मिट्टी के घर नष्ट हो गए हैं. कुछ तटीय कस्बे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं.

पेलूहू कस्बे से मिली खबरों के मुताबिक सूनामी के कई लहरों ने इस जगह को तबाह कर दिया है और कई लोग मारे गए हैं.

सरकार ने माना है कि खराब हो चुकी सड़कों के कारण राहत कार्य में बाधा आ रही है.

इस बीच विभिन्न देशों से राहत सामग्री आनी शुरु हो गई है. अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भी चीली में हैं और अपने साथ सेटेलाइट फ़ोन लेकर आईं है.

उन्होंने कहा कि अमरीका चीली की हर संभव मदद करेगा. भूकंप के कारण 20 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

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