भारत की स्थायी सदस्यता की चाह, एक संकेत: अमरीका

रॉबर्ट ब्लेक
Image caption रॉबर्ट ब्लेक ने कहा कि अमरीका और भारत के राष्ट्रीय हित अब समान नज़र आ रहे हैं

दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमरीकी सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लेक ने कहा है कि इस सदी में विश्व जिन बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है, उन सभी के समाधान में भारत की एक अहम भूमिका है.

अमरीका के जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के आदर्श संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में बोलते हुए रॉबर्ट ब्लेक ने कहा, "भारत उन देशों में से है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता चाहते हैं. इससे पता चलता है कि भारत संयुक्त राष्ट्र को कितनी अहमियत देता है."

भारत, ब्राज़ील, जर्मनी और जापान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता चाहते हैं लेकिन अब तक अमरीका ने केवल जापान की स्थायी सदस्यता के बारे में हामी भरी है.

उनका कहना था, "हमारे विचार में हम इस सदी में जितनी बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उन सभी के समाधान में भारत की अहम भूमिका है. फिर ये चुनौतियाँ चाहे वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन या सामूहिक विनाश के हथियार के प्रसार या फिर उग्र हिंसा की हों."

अमरीकी सहायक विदेश मंत्री का कहना था कि पिछले वर्षों में अमरीका और भारत अलग-अलग रास्ते पर चले हैं और भारत का गुटनिरपेक्ष देशों के नेतृत्व का इतिहास भी है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "...कभी-कभी संयुक्त राष्ट्र के भीतर हमारे विचारों में मतभेद भी रहे हैं. भारत ने कश्मीर जैसे संवेदनशील मसलों पर संयुक्त राष्ट्र के दख़ल का विरोध भी किया है. लेकिन अब जब हमारे राष्ट्रीय हित समान प्रतीत हो रहे हैं तो हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत के साथ समानता-सहयोग के और क्षेत्र खुलेंगे."

रॉबर्ट ब्लेक का कहना था, "जल्द ही भारत में दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या होगी, उसकी अर्थव्यवस्था एक खरब डॉलर से अधिक है और वह जल्दी से बढ़ रही विश्व शक्ति है."

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