नेट के ज़रिए चरमपंथी गतिविधियाँ?

इंटरनेट
Image caption चरमपंथीयों की भर्ती के लिए इंटरनेट का उपयोग किया गया.

पेनसिल्वानिया की एक अमरीकी महिला पर चरमपंथी गतिविधियों में शामिल होने संबंधी आरोप लगाए हैं. उन पर आरोप है कि वे विदेशों में इंटरनेट के ज़रिए चरमपंथी हमलावरों की भर्ती कर रही थीं.

महिला का नाम कॉलिन ला-रोज़ है और इन्हें फातिमा ला-रोज़’ के नाम से भी जाना जाता है. अमरीकी मीडिया ने इन्हें ‘जिहाद जेन’ का नाम दिया है.

अक्तूबर 2009 में कॉलिन ला-रोज़ को पेनसिल्वानिया के शहर फ़िलाडेल्फ़िया में गिरफ़्तार किया गया था.

इस महिला पर एक स्वीडिश नागरिक की हत्या करने के मक़सद से यूरोप की यात्रा करने का आरोप है.

अभियोजन पक्ष के एक वकील ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि उन पर लगाए गए आरोप ‘संगठित अपराध’ की श्रेणी में नहीं आते.

न्याय मंत्रालय के व्क्तव्य में कहा गया है कि 'कॉलिन ला-रोज़ और पाँच अन्य व्यक्तियों ने इंटरनेट पर यूरोप और दक्षिण एशिया में हिंसक जिहाद करने के लिए लोग भर्ती किए और ऐसी महिलाओं की भी भर्ती की जिनके पास पासपोर्ट है और वो हिंसक जिहाद के समर्थन में की मदद के लिए पूरे यूरोप की यात्रा कर सकती हैं.'

क़रीब 40 वर्ष की कॉलिन ला-रोज़ अमरीका की नागरिक हैं. उन पर 'आंतवादियों को सामग्री उपलब्ध करवाने, विदेश में हत्या करने का षड्यंत्र, सरकार से अपनी पहचान छुपाने और दूसरों की पहचान की चोरी' जैसे कई आरोप लगाए गए हैं.

अगर कॉलिन ला-रोज़ पर आरोप साबित होता है तो उन्हें आजीवन करावास और 10 लाख डॉलर जुर्माना लग सकता है.

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