विदेशी शुक्राणु से गर्भाधान अपराध

गर्भवती महिला

विदेशी शुक्राणुओं से अब नहीं हो सकेगा कृत्रिम गर्भाधान

तुर्की के नए क़ानून के मुताबिक़ महिलाओं का विदेशों में जाकर कृत्रिम गर्भाधान अब अपराध माना जाएगा.

तुर्की में कृत्रिम रूप से गर्भाधान पहले से ही अपराध है.

लेकिन अभी तक महिलाएं विदेश जाकर शुक्राणु बैंक की मदद से कृत्रिम गर्भाधान कर सकती थीं.

लेकिन अब ऐसा करने वाली महिलाओं को एक से लेकर तीन साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है.

तुर्की में घोषित ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों की सूची काफ़ी लंबी है, लेकिन अब इसमें एक नाम और जुड़ गया है.

ये नया क़ानून आपराधिक संहिता के उस अनुच्छेद के अंतर्गत पारित किया गया है जिसमें तुर्की के नागरिकों को बच्चों के मातापिता की पहचान छुपाने की अनुमति नहीं है.

शुक्राणुदान तुर्की में काफ़ी पहले से ग़ैरक़ानूनी है, लेकिन गर्भवती होने की इच्छुक महिलाएं विदेश जाकर कृत्रिम गर्भाधान कर सकती थीं.

तुर्की में कृत्रिम गर्भाधान करने वाली महिलाओं की संख्या ज़्यादा नहीं है.

ऐसे लगभग 100 मामले ही प्रतिवर्ष देखने में आते हैं. लेकिन एक महिला रोग विशेषज्ञ के मुताबिक ये क़ानून पिछड़ेपन की ओर उठा क़दम है.

उन्होंने सत्ताधारी रूढिवादी मुस्लिम नेताओं पर आरोप लगाया कि वे तुर्की के क़ानून में बदलाव की ज़रूरत की अनदेखी कर रहे हैं.

उनका कहना था कि तुर्की की उन महिलाओं को चुनाव की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए, जो पारंपरिक तरीके से गर्भाधान में या तो असमर्थ हैं या अनिच्छुक हैं.

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