थाइलैंड में 'ख़ून बहाते' प्रदर्शनकारी

Image caption प्रदर्शनकारी एक हज़ार लीटर खून जमा कर रहे हैं

थाइलैंड में प्रदर्शनकारियों ने रक्तदान के बाद जमा किए गए ख़ून को गर्वनमेंट हाउस के बाहर बहाकर विरोध प्रदर्शन किया है.

थाइलैंड में 'रेड शर्ट' के नाम से जाने वाले प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा सरकार ग़ैर-कानूनी है और उसे सत्ता में रहने का कोई हक़ नहीं है.

सरकार विरोधी प्रदर्शनों के तीसरे दिन लोगों ने बड़ी संख्या रक्तदान किया, अब तक शांतिपूर्ण रहे प्रदर्शनों के बावजूद प्रधानमंत्री अभिसित विजयजीवा ने इस्तीफ़ा देकर नए सिरे से चुनाव कराने की माँग को ठुकरा दिया है.

थाइलैंड में टकसिन चिनावट को 2006 के सैनिक तख़्तापलट में हटाए जाने के बाद वहाँ अस्थिरता के दौर जारी है, प्रदर्शनकारी चिनावट की पद पर वापसी चाहते हैं.

थाइलैंड की राजधानी बैंकाक से बीबीसी संवादादाता का कहना है कि दूर दूर तक लाल रंग नज़र आ रहा है. लाल कमीज़, लाल पतलून, लाल झंडे और लाल टोपियों का एक सैलाब दिखाई दे रहा है.

ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार दंगा निरोधक पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने हैं लेकिन अभी तक किसी टकराव का कोई समाचार नहीं है.

हज़ारों सुरक्षा सैनिकों को तैनात किया गया है और सेना के अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए, सेना का कहना है कि वह स्थिति से नरमी से निबटना चाहती है, देश में राजधानी के अलावा के अन्य कई हिस्सों से प्रदर्शन के समाचार मिल रहे हैं.

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हमारा ख़ून अपने देश के लिए हमारे प्रेम और बलिदान का प्रतीक है. प्रधानमंत्री अगर इसी तरह अड़े रहेंगे तो हम इसी तरह अपने खून से उनकी कुर्सी को रंग देंगे."

स्वास्थ्य संबंधी चिंता

स्वास्थ्य अधिकारी, रेड क्रॉस और यहाँ तक अपदस्थ प्रधानमंत्री टकसिन चिनावट ने भी बहुत बड़े पैमाने पर रक्तदान को लेकर चिंता जताई है.

इन लोगों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के जोश में अगर पूरी एहतियात नहीं बरती गई तो बड़े पैमाने पर एचआईवी जैसी बीमारियाँ फैल सकती हैं.

लेकिन प्रदर्शनकारियों के एक नेता डॉक्टर वेंग तोजिलकरन ने कहा, "जो लोग भी रक्त निकालने का काम कर रहे हैं वे प्रशिक्षित डॉक्टर या नर्स हैं और वे सभी एहतियाती क़दमों का पालन कर रहे हैं."

प्रदर्शनकारी एक हज़ार लीटर ख़ून जमा करने वाले हैं जिसे प्रधानमंत्री के कार्यालय के बाहर बहाए जाने की योजना है.

संबंधित समाचार