रॉकेट हमले में एक की मौत

ग़ज़ा से इसराइल में दागे गए एक रॉकेट के कारण एक विदेशी व्यक्ति की मौत हो गई है. इस बीच यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख गज़ा के दौरे पर हैं.

कैथरीन एशटन पश्चिम की उन चंद वरिष्ठ राजनेताओं में से हैं जिन्होंने हमास का नियंत्रण होने के बाद से गज़ा का दौरा किया है. वे

उनका कहना है कि वे ख़ुद जाकर देखना चाहती हैं कि ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र के राहत कार्यों के लिए कितना काम है और मौका है. गज़ा की इसराइल ने नाकेबंदी की हुई है. उन्होंने इसराइल में एक खेत पर रॉकेट हमले की निंदा की है.

ग़ज़ा के एक जिहादी गुट ने कहा है कि हमला उसने किया है. यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख का दौरा ऐसे समय हुआ है जब अमरीका और यूरोपीय संघ मध्य पूर्व में शांति वार्ता दोबारा शुरु करवाने की कोशिश कर रहे हैं.

वैसे तो ग़ज़ा से विद्रोही गुट कई बार इसराइल में रॉकेट दाग चुके हैं लेकिन जनवरी 2009 में ग़ज़ा में इसराइली अभियान ख़त्म होने के बाद पहली बार किसी की मौत हुई है.

ग़ज़ा की नाकेबंदी

मध्य पूर्व में मध्यस्थता करने वाले गुट- अमरीका, यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र और रूस जल्द ही मॉस्को में मिलने वाले हैं.

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पहले से ही मॉस्को में है. कैथरीन एशटन भी बाद में रूस जाएँगी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बैरोनेस कैथरीन हमास के नेताओं से नहीं मिलेंगी.

विदेशी अधिकारियों को अकसर इसराइल गज़ा में आने नहीं देता या फिर कई सरकारें अधिकारियों को जाने नहीं देती क्योंकि वे हमास को मान्यता नहीं देते हैं.

कैथरीन एशटन के दौरा का संयुक्त राष्ट्र ने स्वागत किया है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ग़ज़ा के नाकेबंदी के कारण हज़ारों लोग ग़रीबी में रहने को मजबूर हैं.

2007 के बाद से ही ग़ज़ा पट्टी की इसराइल ने नाकेबंदी की हुई है जब हमास सत्ता में आया था. 2008 में इसराइल ने गज़ा में तीन हफ़्ते तक अभियान चलाया था जिसमें 1000 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए थे और मूलभूत ढाँचा नष्ट हो गया था.

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