कोका कोला को हर्जाना देने का निर्देश

कोका कोला
Image caption पर्यावरण प्रदूषण के लिए कोका कोला से हर्जाने की मांग की गई है

भारत के दक्षिणी राज्य केरल ने बहुराष्ट्रीय कंपनी कोका कोला से पर्यावरण नुक़सान के लिए चार करोड़ 70 लाख डॉलर का हर्जाना मांगा है.

राज्य में कथित रूप से जल और पर्यावरण प्रदूषण के लिए कोका कोला से ये हर्जाना मांगा गया है.

केरल के पलक्कड़ ज़िले में कोका कोला की सबसे बड़ी फ़ैक्ट्री है.

कोका कोला पर आरोप है कि उसने पलक्कड़ फ़ैक्ट्री के लिए भूजल का इस्तमाल किया जिससे खेतों के लिए पानी सूख गया.

इसके अलावा वर्ष 1999 से लेकर वर्ष 2004 तक अपना सारा औद्योगिक कचरा खेतों में डाल कर कृषि को नुक़सान पहुंचाया

कोका कोला ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

कोका कोला पर कथित रूप से इलाक़े में जल और पर्यावरण प्रदूषण फैलाने के आरोप लगे थे.

इस मामले की जांच कर रहे आयोग की सिफ़ारिशों को राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोका कोला को पर्यावरण नुक़सान की भरपाई के लिए ये हर्जाना देना होगा.

वर्ष 2005 में इस प्लांट को उस समय बंद करना पडा था जब पर्यावरणविदों और स्थानीय निवासियों ने कोका कोला के ख़िलाफ़ देशव्यापी प्रदर्शन किए थे.

कोका कोला कंपनी ने इन सिफ़ारिशों को ख़ारिज कर दिया है.

कंपनी के भारतीय कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी पर जो आरोप लगाए गए हैं, उन्हें अदालत में साबित किया जाए.

कोका कोला का कहना है कि सरकार और अन्य एजेंसियों से करवाई गई वैज्ञानिक जांच से ये सामने आया है कि कोका कोला फ़ैक्ट्री ने कोई पर्यावरण नुक़सान नहीं किया.

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