ऐतिहासिक स्वास्थ्य विधेयक बना क़ानून

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऐतिहासिक स्वास्थ्य सुधार विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और अब ये क़ानून बन गया है.

नए क़ानून के तहत तीन करोड़ बीस लाख ऐसे अमरीकियों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी जो पहले इससे वंचित थे.

ओबामा ने कहा, " मैं इस विधेयक पर अपनी माँ जैसे तमाम लोगों के लिए हस्ताक्षर कर रहा हूँ. मेरी माँ कैंसर से लड़ रही थीं और अंत तक बीमा कंपनियों के साथ बहस करती रहीं."

रिपब्लिकन पार्टी के लोगों ने इस बिल का विरोध किया है और कहा है कि ये बेहद खर्चीला है.

विधेयक पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद ही 13 प्रांतों के एटॉर्नी जनरलों ने सरकार के ख़िलाफ़ क़ानूनी कारवाई शुरु कर दी. इनका तर्क है कि ये सुधार असंवैधानिक हैं.

अहम विधेयक

बराक ओबामा ने विधेयक पर व्हाइट हाउस में हस्ताक्षर किए जहाँ हाउस ऑफ़ कांग्रेस के दोनों सदनों के डेमोक्रेटिक सदस्य मौजूद थे.

प्रतिनिधि सभा में हुई बहस के बाद रविवार को स्वास्थ्य सुधार विधेयक पारित कर दिया गया जिसके बाद 938 अरब डॉलर की लागत वाला (10 साल के लिए) ये बिल राष्ट्रपति के पास भेजा गया.

रिपब्लिकन पार्टी के एक भी सदस्य ने बिल के समर्थन में मतदान नहीं किया था जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सदस्यों ने इसके ख़िलाफ़ वोट किया.

उम्मीद की जा रही है कि इससे स्वास्थ्य बीमा करीब 95 फ़ीसदी ऐसे लोगों को मिलेगा जो इसके हक़दार हैं. अभी 83 फ़ीसदी लोगों को ही बीमा मिलता है.

इस क़ानून के बाद बीमा कंपनियाँ ऐसे लोगों को सुविधा देने से मना नहीं कर पाएँगी जो पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे हैं.

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