परमाणु ऊर्जा का ज़िक्र नहीं,थर्मल प्लांट में मदद

अमरीका की विदेश मंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अमरीका वहाँ तीन थर्मल प्लांट लगाएगा लेकिन पाकिस्तान के साथ किसी परमाणु समझौते के आसार की ओर उन्होंने कोई इशारा नहीं किया.

अमरीका के साथ पहली सामरिक वार्ता के लिए पाकिस्तानी दल वाशिंगटन में है जिसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी भी शामिल हैं.

वाशिंटगन में महमूद कुरैशी के साथ हिलेरी क्लिंटन ने संयुक्त पत्रकार वार्ता की.

जब हिलेरी से पूछा गया कि क्या भारत की तरह पाकिस्तान के साथ परमाणु समझौता हो सकता है तो उन्होनें कहा, "हमारा एजेंडा काफ़ी विस्तृत है जिसमें हम उन तमाम मुद्दों पर बात करेंगे जो पाकिस्तानी दल उठाएगा. इसमें परमाणु समझौते का जटिल मुद्दा भी शामिल है. हम चाहते हैं कि पाकिस्तान की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी हों. हम वहाँ तीन थर्मल ऊर्जा स्टेशन लगाने में मदद करेंगे."

सामरिक वार्ता शुरु होने से पहले क़ुरैशी ने कहा था कि पाकिस्तान बिना किसी भेदभाव के ऊर्जा संसाधनों तक पहुंच चाहता है जिसका मतलब टीकाकार परमाणु समझौता करना लगा रहे थे.

भारत-पाक वार्ता

भारत के मुद्दे पर हिलेरी क्लिंटन ने स्पष्ट किया कि अमरीका किसी देश की विदेश नीति निर्धारित नहीं करता है लेकिन वो हमेशा भारत-पाकिस्तान का उत्साह बढ़ाएगा कि वे बातचीत करें.

वहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि पाकिस्तान भारत और अमरीका के आपसी रिश्तों की कद्र करता है लेकिन पाकिस्तान ये नहीं चाहता कि ये रिश्ता पाकिस्तान की क़ीमत पर बनाया जाए.

अपनी अमरीका यात्रा के बारे में शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि पहले अमरीका पाकिस्तान को शक के नज़रिए से देखता था लेकिन अब वो शंकाएँ दूर हो गई हैं और अधिकारी चरमपंथ से लड़ने की पाकिस्तान की मंशा पर सवाल नहीं उठा रहे.

पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा, "मैं सिनेट गया था. मैंने वहाँ 180 डिग्री का फ़र्क देखा. कोई सवालिया निशान नहीं थे, 'और करो' वाली कोई बात नहीं थी."

दोनों देशों के बीच दो दिनों की सामरिक वार्ता हो रही है जिसमें पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख अशफ़ाक कयानी भी शामिल हैं.

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