दाख़िले पर मौसम का असर

बादल से घिरा मौसम
Image caption बादल से घिरे मौसम में दाखिले के लिए छात्रों की संख्यां बढ़ जाती है.

रॉयल इकॉनॉमिक सोसाइटी में प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि बादल से घिरे मौसम में जो छात्र विश्वविद्यालय के ओपेन डे में हिस्सा लेते हैं उनकी वहाँ दाख़िला लेने की इच्छा बढ़ जाती है.

ये शोध अमरीका के एक विश्वविद्यालय में क़रीब 1200 विद्यार्थियों के प्रार्थनापत्रों के आधार पर किया गया है.

पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय में मनोवैज्ञानिक डॉक्टर सिमोनसोन का कहना है कि इस सर्वेक्षण में यह देखना था कि विश्वविद्यालय में दाख़िला लेने वाले विद्यार्थियों की पसंद या नापसंद पर मौसम का कितना असर पड़ता है.

इस सर्वेक्षण में पाया गया कि समान्य दिनों की तुलना में बादल से घिरे दिनों में दाख़िला में नौ फ़ीसदी की बढ़ोतरी हो गई.

इस शोध से ये भी पता चलता है कि क्यों खराब मौसम में विद्यार्थी घर पर रहकर अपना होमवर्क पूरा करते हैं.

मनोवैज्ञानिक एलेक्जैंडर गार्डनर का मानना है कि निर्णय लेने में मौसम का असर हो सकता है लेकिन ये हवा में मौजूद इलेक्ट्रिक चार्ज की वजह होता होगा.

उनका कहना है, “मैं नहीं मानता हूं कि बादल से घिरे मौसम के कारण विश्वविद्यालय में विद्यार्थी दाख़िला लेते होंगे. वे लोग वहां की सुविधाओं को देखकर दाख़िला लेते होंगे.”

एक और मनोवैज्ञानिक कैरी कूपर का कहना है कि विद्यार्थियों की पसंद और नापसंद के कई कारण होते हैं.

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