स्वास्थ्य क़ानून को अंतिम सहमति मिली

अमरीका के ऐतिहासिक स्वास्थ्य क़ानून ने अपनी अंतिम सी़ढ़ी भी पार कर ली है. अमरीकी कांग्रेस ने इस क़ानून को अपना बहुमत दे दिया है.

दो दिन पहले ही राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऐतिहासिक स्वास्थ्य सुधार विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए थे और ये क़ानून बन गया था.

लेकिन संशोधनों के साथ इस क़ानून पर प्रतिनिधिसभा में मतदान होना था. ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि रिपब्लिकन प्रतिनिधियों की ओर से कई आपत्तियां जाहिर की गई थीं.

गुरुवार को अमरीकी संसद में इस क़ानून को संशोधनों के साथ पेश किया गया और इसपर मतदान हुआ. मतदान क़ानून के पक्ष में रहा और स्वास्थ्य सेवाओं को नया रूप देने का यह ऐतिहासिक क़दम अपनी आखिरी सीढ़ी भी लांघ गया.

संशोधनों के पक्ष में प्रतिनिधिसभा में 220 वोट पड़े जबकि विरोध करने वाले केवल 207 का आंकड़ा ही जुटा सके.

सीनेट में पहले ही यह क़ानून 43 के मुक़ाबले 56 वोट पाकर पारित हो चुका है.

एक ऐतिहासिक फ़ैसला

नए क़ानून के तहत तीन करोड़ बीस लाख ऐसे अमरीकियों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी जो पहले इससे वंचित थे.

प्रतिनिधि सभा में हुई बहस के बाद रविवार को स्वास्थ्य सुधार विधेयक पारित कर दिया गया था जिसके बाद 938 अरब डॉलर की लागत वाला (10 साल के लिए) ये बिल राष्ट्रपति के पास भेजा गया.

रिपब्लिकन पार्टी के एक भी सदस्य ने बिल के समर्थन में मतदान नहीं किया था जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सदस्यों ने इसके ख़िलाफ़ वोट किया.

उम्मीद की जा रही है कि इससे स्वास्थ्य बीमा करीब 95 फ़ीसदी ऐसे लोगों को मिलेगा जो इसके हक़दार हैं. अभी 83 फ़ीसदी लोगों को ही बीमा मिलता है.

इस क़ानून के बाद बीमा कंपनियाँ ऐसे लोगों को सुविधा देने से मना नहीं कर पाएँगी जो पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे हैं.

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