मॉस्को मेट्रो में आत्मघाती हमले, 38 की मौत

Image caption ये धमाके सुबह भीड़भाड़ भरे वक्त हुए

रूसी अधिकारियों का कहना है कि मॉस्को की मेट्रो में दो महिला आत्मघाती हमलावरों ने धमाका कर अपने आपको उड़ा लिया जिसमें कम से कम 38 लोग मारे गए हैं.

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पहला धमाका शहर के मध्य में स्थित लुबयांका स्टेशन पर हुआ जबकि दूसरा धमाका पार्क कुलतुरी स्टेशन पर हुआ.

रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार पहले धमाके में 25 लोग मारे गए जबकि 40 मिनट बाद हुए दूसरे धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई.

तास के अनुसार दोनों धमाके में 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

आपात मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने बताया कि पहले धमाके में ट्रेन में सवार कई लोग मारे गए हैं जबकि प्लेटफॉर्म पर खड़े 11 लोग मारे गए हैं.

प्रवक्ता एरीना एंद्रीएनोवा का कहना था,''स्थानीय समयानुसार सुबह 0756 पर जैसी ही गाड़ी लुबयांका स्टेशन पर रुकी, इसके दूसरे डिब्बे में धमाका हुआ.''

प्रवक्ता का कहना था कि मॉस्को की आपात सेवाएँ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं.

'आत्मघाती हमले'

Image caption अभी तक किसी संगठन ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है

ग़ौरतलब है कि रूसी फे़डरल सिक्योरिटी सर्विस का मुख्यालय लुबयंका स्टेशन पर ही स्थित है.

रूसी अधिकारियों ने इसे 'चरमपंथी हमला' करार दिया है.

अधिकारियों ने रूसी इंटरफैक्स समाचार एजेंसी से कहा कि ये दोनों आत्मघाती हमले हैं.

मॉस्को से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी किसी ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन ये धमाके सुनियोजित नज़र आ रहे हैं.

मॉस्को मेट्रो दुनिया की व्यस्ततम मेट्रो में से एक है और इस धमाके के बाद पूरी व्यवस्था ठप पड़ गई है.

संवाददाता का कहना है कि संदेह उत्तरी कॉकेशस क्षेत्र के चरमपंथी गुटों पर किया जा रहा है.

इस क्षेत्र में सुरक्षाबल इस्लामी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़े हुए हैं.

संबंधित समाचार