रूस और चेचन विद्रोहियों का टकराव

मॉसको में बम धमाका
Image caption मॉस्को के मेट्रो में दो आत्मघाती हमले हुए हैं

रूस की राजधानी मॉस्को में दो मेट्रो स्टेशनों पर सोमवार की सुबह उस समय धमाके हुए, जिस समय ट्रेन में भीड़-भाड़ रहती है. रूसी अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच आतंकवादी कृत्य के रुप में की जा रही है.

रूस में पुलिस का कहना है कि इस मामले में चेचन महिला आत्मघाती हमलावरों पर संदेह है.

उधर चेचन अलगावादियों से जुड़ी एक वेबसाइट ने इन हमलों को अंजाम देने का दावा किया है. हमले के तुरंत बाद से ही रूसी अधिकारियों ने चेचन अलगावादियों पर संदेह करना शुरु कर दिया था.

चेचन अलगावादियों ने रूस से आज़ादी के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है. चेचन्या गणराज्य रूस के दक्षिण पश्चिम कॉकेशस के पहाड़ी इलाक़े में स्थित है. चेचन्या की जनसंख्या छह से आठ लाख के बीच है. अधिकतर आबादी सुन्नी मुसलमानों और रूसी रुढ़िवादी ईसाइयों की है.

चेचन और रूसी सरकार की लडा़ई में हज़ारों लोग मारे गए थे जबकि पांच लाख चेचन विस्थापित हुए थे.

आतकंवाद अहम ख़तरा

वर्ष 2004 में एक चेचन महिला आत्मघाती हमलावर ने नौ लोगों को मौत की नींद सुला दी थी और उस हमले में 51 लोग ज़ख़्मी हुए थे. उस हमले में हमलावर महिला भी मारी गई थी और बम पूर्वोत्तर मॉस्को के एक मेट्रो स्टेशन के बाहर रखा गया था.

पिछले दिनों रूसी सेना ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में कामयाबी हासिल की. फ़रवरी महीने में कथित रुप से कम से कम 20 घुसपैठी रूसी सेना की चेचन्या की सीमा से सटे इंगुशेतिया में हुई कार्रवाई में मारे गए थे.

पिछले साल नवंबर में कॉकेशसियन मुजाहिदीन ने मॉस्को और पीट्सबर्ग के बीच चलने वाली ट्रेन में हुए बम हमले की ज़िम्मेदारी ली थी जिसमें 26 लोग मारे गए थे.

नए गठित उत्तर कॉकेशस संघीय ज़िले में चरमपंथी हमलों में आई तेज़ी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने हाल ही में कहा था कि देश के सामने आतंकवाद एक अहम ख़तरा है.

मेदवेदेव का कहना था कि उत्तर कॉकिशस का आर्थिक पिछड़ापन, बेतहाशा चरमपंथी हमले और जातीय लड़ाई सुरक्षा के लिए अहम ख़तरे हैं.

उत्तर कॉकिशस संघीय ज़िले के अंतर्गत चेचन्या, दागेस्तान, इंगुशेतिया, उत्तर ओसेटिया, कबारदिनो-बल्कारिया और कराचाई-सिकैशिया हैं.

आतंकवाद की लड़ाई के बारे में राष्ट्रपति मेदवेदेव का कहना था, "इंगुशेतिया, दागेस्तान और चेचन्या में आपराधिक हमले बताते हैं कि देश के समाने आतंकवाद प्रमुख ख़तरा है और इसे समाज और अधिकारियों से मिलकर ही लड़ा जा सकता है."

कार्रवाई

उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में रुसी सुरक्षाकर्मियों ने उत्तर कॉकेशस में 80 से अधिक आतंकवादी हमले रोकने में कामयाब रही और 500 से अधिक चरमपंथियों को बेअसर किया.

राष्ट्रपति ने ज़ोर दिया कि सुरक्षाकर्मी अपराधी तत्वों और उनके सरग़ना को बेअसर करने के लिए व्यवस्थित ढ़ंग से अपना काम जारी रखें.

पिछले साल मुस्लिम बहुल उत्तर कॉकेशस में हिंसा का दौर रहा और लगभग हर दिन सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों पर हमले हुए.

इस साल छह जनवरी को दागेस्तन के एक पुलिस थाने के परिसर में आत्मघाती हमला हुआ जिसमें पांच लोग मारे गए और 19 लोग घायल हुए. इस हमले के बाद राष्ट्रपति मेदवेदेव ने संघीय सुरक्षा सेवा यानी एफ़एसबी को उत्तर कॉकेशस में सुरक्षा कड़ी करने के आदेश दिए थे.

इसके बाद ही उन्होंने उत्तर कॉकेशस संघीय ज़िले का गठन किया और उत्तर कॉकेशस के लिए क्रासनोयार्स्क के गवर्नर अलेक्ज़ेंडर खोलोपोनीन को उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का दूत नियुक्त किया.

जनवरी में प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कॉकेशस की समाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने का आह्वान किया.

उत्तर कॉकेशस संघीय ज़िला के समाजिक और आर्थिक विकास पर पुतिन ने कहा, "रूस के लिए इस क्षेत्र में आतकंवाद और उन ताक़तों को मात देना मुश्किल था जिन्होंने 1990 और 2000 में चेचन गणराज्य को अपने क़ब्ज़े में ले लिया था, जब ये इलाक़े क्रूर अलगाववादी युद्ध से भरी पटी थी."

प्रधानमंत्री ने कहा था, "आख़िरकार हमने मिलकर जीत दर्ज की और शांति स्थापित की. अब हम नए क़दम उठा सकते हैं, लेकिन वो ज़ाहिर तौर पर आसान नहीं है."

पुतिन ने कहा, "राज्य ने ये साबित कर दिया है कि वो क़ानून, स्थिरता, नागरिक शांति और अंतर जातीय एकता को मज़बूत करने के लिए सुरक्षा, न्याय और सम्मान देने में सक्षम है, ताकि उत्तर कॉकेशस में आर्थिक और समाजिक विकास को नई धारा दी जा सके."

हालांकि पिछली लड़ाई के बाद चेचन्या में चरमपंथी गतिविधियां कम हुई हैं. लेकिन हाल के दिनों में वहां दोबारा हिंसा शुरू हुई हैं. पुलिस, सेना और दूसरे अधकारियों पर रोज़ाना हमले हो रहे हैं. इससे रूस के पड़ोसी इलाक़ों में अस्थिरता बढ़ी हैं.

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