मेट्रो धमाके में मारे गए लोगों की स्मृति में शोक

मॉस्को

मॉस्को मेट्रो में दो आत्मघाती हमलों के बाद मृतकों को स्मृति में मंगलवार को रूस में शोक मनाया जा रहा है. साथ ही आज मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है क्योंकि नए हमलों की आशंका व्यक्त की जा रही है.

इधर रूस के विदेश मंत्री सरगेई लवरोव ने जी 8 देशों की बैठक में कहा कि भविष्य में ऐसे हमलों से बचने के लिए और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्कता है.

जी 8 देशों की कनाडा में चल रही बैठक में रूसी विदेश में मंत्री ने विश्व नेताओं से अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद नेटवर्क का मुक़ाबला करने की अपील की.

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी उनकी बात की समर्थन किया और कहा कि मॉस्को पर हमला इस बात का संकेत है कि दुनिया का समान शत्रु है.

उल्लेखनीय है कि सोमवार को रूस की राजधानी मॉस्को में मेट्रो पर हुए आत्मघाती हमलों में कम से कम 38 लोग मारे गए हैं और 70 घायल हुए थे.

अधिकारियों ने दावा किया है कि महिला आत्मघाती हमलावरों ने ये हमले किए.

मरने वालों में ट्रेन के यात्रियों के अलावा वे लोग भी थे, जो प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेन का इंतज़ार कर रहे थे.

आत्मघाती हमला

रुसी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी के प्रमुख ने कहा है कि ये धमाके उत्तरी कॉकेशस के इस्लामिक विद्रोहियों का काम हो सकता है.

उत्तरी कॉकेशस में चेचन्या और इंगुशेतिया शामिल हैं. इन इलाक़ों के अलगाववादी वर्षों से आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

रूस के प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन ने कहा है कि इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों की तलाश के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी और सज़ा दिलाई जाएगी.

पहला धमाका स्थानीय समय के मुताबिक़ सुबह सात बजकर 56 मिनट पर हुआ. उस समय एक ट्रेन सेंट्रल लुब्यान्का स्टेशन पर खड़ी थी.

ये मेट्रो स्टेशन ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी के कार्यालय के नीचे बना हुआ है. इस धमाके में 24 लोगों की मौत हो गई.

चालीस मिनट बाद दूसरा धमाका पार्क कुल्तुरी स्टेशन पर हुआ. इस धमाके में 14 लोग मारे गए.

आपातसेवा मामलों के मंत्राललय की प्रवक्ता इरिना एंड्रियानोवा ने बताया कि पहला धमाका इतना ज़बरदस्त था कि दो डब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. उस समय लुब्यान्का मेट्रो स्टेशन पर काफ़ी भीड़ थी.

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