सोमाली रेडियो पर गाना बजाना बंद

Image caption इस्लामिक संगठनों के आदेश पर सोमालिया में रेडियो पर संगीत का प्रसारण बंद

सोमालिया के अधिकतर रेडियो स्टेशनों ने संगीत का प्रसारण बंद कर दिया है. यह क़दम इस्लामिक चरमपंथी संगठन हिज़्बुल इस्लाम के आदेश पर उठाया गया है जो गानों को ग़ैर इस्लामी बताते हैं.

रेडियो स्टेशनों का कहना है कि उन्हे इस प्रतिबंध को मानना पड़ा नहीं तो लोगों की जानें उनकी ख़तरे में पड़ जातीं.

सोमालिया में बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि ये आदेश अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान की सत्ता के समय की याद दिलाते हैं.

इससे पहले सोमालिया में चरमपंथियों ने कुछ हिस्सों में फ़िल्म और फ़ुटबॉल के मैच देखने पर रोक लगाई थी और पुरुषों के लिए दाढ़ी रखना अनिवार्य कर दिया था.

सोमालिया में 1991 से कोई कारगर सरकार नहीं है और देश के अधिकतर हिस्सों पर इस्लामिक चरमपंथियों का नियंत्रण है.

अफ़्रीकी संघ के सैनिकों और संयुक्त राष्ट्र के कोष के समर्थन से चल रही अंतरिम सरकार का क़ब्ज़ा केवल राजधानी मोगाडिशू के कुछ हिस्से पर है.

मोगाडिशू में बीबीसी के मोहम्मद औलाद हसन ने बताया कि दस दिन पहले संगीत और जिंगल्स के प्रसारण बंद करने के आदेश दिए गए थे. शहर के कुल 15 रेडियो स्टेशनों में से केवल दो संगीत का प्रसारण करते थे.

श्रोताओं और विज्ञापनों में कमी

नगरवासी अब केवल सरकारी नियंत्रण वाले रेडियो स्टेशन पर संगीत सुन सकते हैं या फिर कीनिया स्थित रेडियो स्टेशन से जिसका मोगाडिशू में एक एफ़एम ट्रांस्मीटर है.

तुस्मो रेडियो के कार्यक्रम प्रमुख अब्दुल्लाही यासीन जामा ने कहा, "हम अपने कार्यक्रमों और समाचारों के बीच संगीत की जगह दूसरी ध्वनियों का इस्तेमाल कर रहे हैं जैसे बंदूक की गोलियों की आवाज़, वाहनों का शोर, पक्षियों का कलरव".

एक अन्य रेडियो स्टेशन के संचालक ने बताया कि इस प्रतिबंध के कारण उनके श्रोताओँ और विज्ञापनों में कमी आएगी.

पॉप संगीत मोगाडिशू में बहुत लोकप्रिय है और बहुत से लोग इस बात से नाराज़ हैं कि उन्हे ये आदेश दिए जा रहे हैं कि वो रेडियो पर क्या सुन सकते हैं और क्या नहीं.

पिछले सप्ताह देश के एक और चरमपंथी संगठन अल शबाब ने दक्षिणी सोमालिया के पांच शहरों में बीबीसी के रिले स्टेशनों को बंद कर दिया था.

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