थाइलैंड के प्रधानमंत्री की चेतावनी

Image caption टेलिविज़न के पर्दे पर प्रधानमंत्री अभिसित विज्जजीवा के साथ सेनाध्यक्ष अनुपॉंग

थाइलैंड के प्रधानमंत्री अभिसित विजयजीवा ने कहा है कि राजधानी बैंकॉक के उस हिस्से को ख़ाली करा लिया जाएगा जहां सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी डेरा जमाए बैठे हैं.

प्रधानमंत्री ने ये नहीं बताया कि यह काम कब और कैसे किया जाएगा.

उन्होने यह बात राष्ट्रीय टेलीविज़न पर दिए एक इंटरव्यू में कही, जिसमें उनके साथ थाइलैंड के सेनाध्यक्ष जनरल अनुपॉंग पाओजिंदा भी बैठे थे.

शनिवार को उन्होने रेड शर्ट प्रदर्शनकारियों के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसमें 30 दिनों के भीतर सरकार के त्यागपत्र और फिर से चुनाव कराए जाने की मांग के बदले अभियान बंद करने की बात कही गई थी.

ग़लत मिसाल क़ायम न हो

प्रधानमंत्री विजयजीवा ने कहा कि वर्तमान संकट के हल से कोई ऐसी मिसाल क़ायम नहीं होनी चाहिए कि डराने-धमकाने से राजनीतिक बदलाव आ सकता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि रेड शर्ट प्रदर्शनकारियों का लक्ष्य संसद को भंग कराने तक ही सीमित नहीं बल्कि वो अब एक नए थाइ देश की बात कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों ने अपने अभियान को कई बार वर्ग युद्ध से भी जोड़ा है जिसमें वो सरकारी विभागों, सेना और राज परिवार से जुड़े अभिजात वर्ग के ख़िलाफ़ निर्धन ग्रामीणों और शहरी मज़दूरों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

अब ये डर है कि सरकार और विपक्ष के समर्थकों के बीच फिर मुठभेड़ हो सकती है.

प्रधानमंत्री ने कहा, "मुख्य बात ये नहीं है कि प्रदर्शनकारियों को हटाया जाए या नहीं बल्कि ये है कि इस पूरी समस्या को कैसे हल किया जाए".

जनरल पाओजिंदा ने कहा कि सेना सरकारी नीति का पूरी तरह समर्थन करेगी.

प्रदर्शनकारियों की मांग

रेड शर्ट प्रदर्शनकारी पिछले छह सप्ताह से बैंकॉक में जमे हुए हैं और उनका संकल्प डगमगाता दिखाई नहीं देता.

प्रधानमंत्री के इंटरव्यू के प्रसारण के बाद प्रदर्शनकारियों के एक नेता ने कहा, "हम तब तक घर नहीं जाएंगे जब तक ये समस्या हल नहीं हो जाती".

शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि 30 दिनों के भीतर अगर संसद भंग कर दी जाए और नए चुनाव कराए जाएं तो वो अपना अभियान रोक देंगे.

उन्होने हाल में हुई हिंसा की जांच की भी मांग की. अप्रैल की 10 तारीख़ को प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई की थी जिसमें 25 लोग मारे गए थे. तब से तनाव अधिक बढ़ गया है.

गुरुवार को हथगोले से हुए हमले में एक व्यक्ति मारा गया था और 80 लोग घायल हो गए थे.

सरकार ने कहा था कि हथगोला बैंकॉक के लुम्बिनी पार्क के दक्षिणी हिस्से से फेंका गया था जो प्रदर्शनकारियों के मोर्चे के पीछे है.

प्रदर्शनकारियों में से बहुत से पूर्व प्रधानमंत्री टकसिन चिनवाट के समर्थक हैं जिन्हे 2006 में हुए एक सैन्य विद्रोह में अपदस्थ कर दिया गया था.

उनका तर्क है कि ये सरकार अवैध है क्योंकि ये संसद के समर्थन से 2008 में सत्ता में आई जब न्यायपालिका ने थाकसिन समर्थक सरकार को भंग कर दिया.

संबंधित समाचार