फिर धमाके से दहला रूस, दो मरे

Image caption चरमपंथी हमलों में पिछले सप्ताह 50 लोगों की मौत हो गई

रूस के उत्तरी कॉकसस क्षेत्र में सोमवार को एक और आत्मघाती हमले ने दो पुलिसकर्मियों की जानें ले ली हैं.

जानकारी के मुताबिक इंगुशेतिया के काराबुला कस्बे में सोमवार को यह आत्मघाती हमला हुआ है.

इससे पहले पिछले सप्ताह कॉकसस के दागेस्तान इलाक़े में दो बम धमाके हुए थे जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी.

बीते सप्ताह रूस में हुए आत्मघाती हमलों ने रूस को हिलाकर रख दिया था. मॉस्को में 29 मार्च को मैट्रो रेल को निशाना बनाकर हुए हमलों में 38 लोग मारे गए थे.

इस तरह 50 लोगों की ज़िंदगियां ले चुके आत्मघाती हमलों ने सुरक्षा और चरमपंथ से लड़ने की तैयारियों पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाते हुए अपनी चुनौती पेश की थी.

इन हमलों के बाद रूस के प्रधानमंत्री और अन्य शीर्षस्थ नेताओं ने कड़े शब्दों में चरमपंथियों के चेतावनी दी थी लेकिन सोमवार के हमले ने इन चेतावनियों के असर को धता बता दिया है.

सोमवार को एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम से उड़ा दिया जिसकी चपेट में दो पुलिसकर्मी भी आ गए.

कड़ी चुनौती

Image caption पुतिन ने कड़े शब्दों में चरमपंथियों के चेतावनी दी है

पिछले सप्ताह हुए हमलों के बाद प्रधानमंत्री पुतिन ने सुरक्षाबलों से कहा है कि हमलावरों को ‘गटर से भी ढूँढ’ निकालें. जाँचकर्ताओं का मानना है कि हमलावरों का संबंध उत्तरी कॉकसस में सक्रिय चरमपंथियों से है.

पिछले महीने चेचन के विद्रोही नेता डोकू उमारॉफ़ ने चेतावनी दी थी कि अभियान का दायरा रूस तक ले जाया जाएगा, ‘युद्ध उनके शहरों तक पहुंच गया है’.

रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी के प्रमुख ने मॉस्को हमले के बाद कहा था कि ये धमाके उत्तरी कॉकसस के इस्लामिक विद्रोहियों का काम हो सकता है.

उत्तरी कॉकसस में चेचन्या और इंगुशेतिया शामिल हैं. इन इलाक़ों के अलगाववादी वर्षों से आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

चेचन्या में इस्लामिक चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चलाए गए अभियान के बाद दागेस्तान में पिछले दो वर्षों में हिंसा में बढ़ोतरी हुई है. जून 2009 में इलाक़े के आंतरिक मंत्री की हत्या कर दी गई थी.

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