औलाक़ी को पकड़ो,ज़िंदा या मुर्दा

अनवर अल औलाक़ी
Image caption अनवर अल औलाकी़ आजकल यमन में रह रहे हैं.

अमरीका सरकार ने कट्टरपंथी मौलाना अनवर-अल-औलाक़ी को ज़िंदा या मुर्दा पकड़ने की अनुमति दे दी है.

इसकी पुष्टि अधिकारियों ने की है. औलाक़ी आजकल यमन में रह रहे हैं.

अनवर अल औलाक़ी एक अमरीकी नागरिक हैं और उनपर अमरीका पर हमलों की साज़िश में शामिल होने का आरोप है.

सुरक्षित पनाहगाह

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि यमन अल क़ायदा के चरमपंथियों के लिए एक सुरक्षित जगह बनता जा रहा है.

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता के मुताबिक़ राष्ट्रपति की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने खुफिया एजेंसी सीआईए को एक अमरीकी नागरिक को निशाना बनाने का आदेश दिया है.

ओबामा प्रशासन ने यह आदेश इस साल के शुरू में दिया था लेकिन इसका पता राष्ट्रीय सुरक्षा की समीक्षा के बाद पता चल पाया है.

इसकी ख़बर सबसे पहले 'न्यू यॉर्क टाइम्स' में प्रकाशित हुई थी, बाद में अधिकारियों ने बीबीसी से भी इसकी पुष्टि की.

एक अधिकारी का कहना था, ''औलाक़ी अमरीका और हमारे सहयोगियों के लिए ख़तरा था. उसने देश और अन्य के खिलाफ़ हमले की साज़िश रची. बेशक वह अमरीकी सरकार का लक्ष्य है.''

औलाक़ी का जन्म न्यू मेक्सिको में हुआ था और उन्होंने इमाम के रूप में कोलोरोडो, कैलिफ़ोर्निया और वर्जीनिया में काम किया.

फ़र्राटेदार अंग्रेज़ी बोलने की वजह से औलाक़ी इस्लामी कट्टरपंथियों में काफ़ी लोकप्रिय हो गए, इसने धार्मिक उद्देश्य के लिए हिंसा के उपयोग को बढ़ावा दिया.

जब वे सैन डिएगो में इमाम थे तो 9/11 के हमले के दो अपहरणकर्ता उनके प्रवचन में शामिल हुए थे.

औलाक़ी 2007 में अमरीका से फरार होकर यमन पहुँच गए थे.

अमरीका ख़ुफिया विभाग पहले उन्हें एक कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारक मानता रहा. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अब वे अरब प्रायद्वीप में अल क़ायदा के लिए लोगों को भर्ती करने में सक्रिय हैं.

औलाक़ी का नाम पिछले साल नवंबर में हुए फ़ोर्ट हुड गोलीकांड और क्रिसमस के दिन एक विमान उड़ाने की कोशिश करने की घटना से जोड़ा जा रहा है.

संवाददाताओं का कहना है कि उनपर किसी अज्ञात ड्रोन (चालक रहित विमान) से हवाई हमला किया जा सकता है.

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