बैंकॉक में ख़ूनी झड़प, 15 मरे

थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हैं.

सरकार के इरवान इमरजेंसी सेंटर के मुताबिक़ मारे गए लोगों में 11 आम नागरिक और चार सैनिक हैं.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए कवरेज में लगे एक जापानी कैमरामैन हीरो मुरामोतो की भी मौत हो गई है.

'रेड शर्ट' के नाम से चर्चित सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर सैनिकों और दंगा पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियाँ चलाईं.

जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम फेंके. बाद में सुरक्षाकर्मियों ने अपना अभियान रोक दिया. अधिकारी अब शांति की अपील कर रहे हैं और प्रदर्शनकारियों को वहाँ से हटने के लिए कह रहे हैं.

पिछले एक महीने से रेड शर्ट प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे हुए हैं. प्रदर्शनकारी देश में नए चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं.

शनिवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी हिंसक झड़प हो गई.

कार्रवाई

प्रधानमंत्री अभिसित विजयजीवा ने बाद में यह जानकारी दी कि सेना ने अपना अभियान रोक दिया है.

इस बीच समाचार है कि बैंकॉक में सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई के विरोध में रेड शर्ट प्रदर्शनकारियों ने चियांग माई और उडोन थानी जैसे उत्तरी शहरों में सरकारी कार्यालयों में घुसने की कोशिश की.

शनिवार को बैंकॉक में हुई ख़ूनी झड़प के बारे में स्थानीय मीडिया ने ख़बर दी है कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हथियारों से हमला किया और विस्फोटकों का भी इस्तेमाल किया.

टीवी पर अफ़रा-तफ़री की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं.

थाइलैंड में रहने वाले एक ब्रितानी शिक्षक पॉल ने बीबीसी को बताया कि वे संघर्ष शुरू होने के समय प्रदर्शनकारियों के आसपास मौजूद थे. उन्होंने बताया कि यहाँ एक प्रदर्शनकारी को सीने में गोली लगी, लेकिन यह नहीं पता चल पाया कि वो बच पाया है या नहीं.

इस झड़प के बाद राष्ट्रीय टेलीविज़न पर दिए अपने संदेश में प्रधानमंत्री अभिसित विजयजीवा ने पीड़ित परिवारों के प्रति खेद जताया.

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सैनिकों ने आत्मरक्षा में ही हवा में गोलियाँ चलाई होंगी.

प्रधानमंत्री ने कहा, "स्थिति को क़ाबू में लाने के लिए मैं और सरकार ज़िम्मेदार हैं. हम शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं."

सेना के एक प्रवक्ता कर्नल सैनसर्न काएवकामनर्ड ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने गोलियाँ चलाई और ग्रेनेड फेंके.

विरोध

थाइलैंड में 'रेड शर्ट' नाम से जाने जानेवाले प्रदर्शनकारी क़रीब एक महीने से लगातार बैंकॉक में प्रदर्शन कर रहे हैं.

इनमें से अधिकतर लोग थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री टकसिन चिनावाट के समर्थक हैं जिन्हें सितंबर 2006 में एक सैन्य विद्रोह के बाद हटा दिया गया था.

इससे पहले 'येलो शर्ट' के नाम से जाने जानेवाले प्रदर्शनकारियों ने चिनावाट को हटाने के लिए भी इसी तरह का प्रदर्शन किया था.

सैन्य विद्रोह के बाद दिसंबर 2007 में पहली बार चुनाव हुए जिसमें चिनावाट समर्थकों की जीत हुई.

लेकिन 'येलो शर्ट' समर्थकों ने एक साल बाद विरोध शुरू कर दिया जिसके बाद दिसंबर 2008 में चिनावाट के सहयोगियों की सरकार गिर गई और अभिसित विजयजीवा ने सरकार बनाई.

इसके दो साल बाद मार्च 2010 में 'रेड शर्ट' समर्थकों ने विजयजीवा सरकार को गिराने के लिए व्यापक विरोध शुरू कर दिया है.

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