'आईपीएल विवादों की संसदीय जाँच हो'

प्रनब मुखर्जी
Image caption वित्त मंत्री प्रनब मुखर्जी ने कहा कि कोई भी फ़ैसला सोचसमझकर किया जाएगा

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को लेकर चल रहे विवादों पर विपक्ष ने संयुक्त संसदीय समिति से जाँच करवाने की मांग की है.

जवाब में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा में कहा कि संबंधित एजेंसियाँ को पहले ही इस बारे में छापे मारने को कह दिया गया है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सांसदों की भावनाओं से अवगत करवा दिया गया है और कोई भी फ़ैसला सोच समझकर किया जाएगा.

वित्त मंत्री ने इस विषय पर थोड़ा और समय देने को कहा. इससे पहले विपक्ष ने सरकार पर जमकर आरोप लगाए.

आरोप

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि आईपीएल को लेकर मंत्रियों पर कई तरह के आरोप लग रहे हैं.

जनता दल यूनाईटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने आईपीएल को लुटेरों का अड्डा बताया.

उन्होंने कहा, "ये मामला इतनी आसानी से जाने वाला नहीं है. इसमें दो मंत्रियों का नाम सामने आए हैं."

शरद यादव ने कुछ दूर बैठे खेल मंत्री एमएस गिल पर निशाना साधते हुए कहा, "आप बोलते रहे ये मैं मानता हूँ, लेकिन क्या आपको बोलने के लिए बिठाया है वहाँ पर? आपको कार्रवाई करने के लिए बिठाया गया है. इस मुद्दे पर आपने कल बोला."

वाम नेता बासुदेव आचार्य ने आईपीएल में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा इसमें ढेर सारे लोग शामिल हैं और रोज़ नए लोगों के नाम सामने आ रहे हैं.

उन्होंने कहा, "ये खेल नहीं है बल्कि व्यापार है. इसमें करोड़ों रुपए का टैक्स बचाने के लिए मारिशस का इस्तेमाल किया गया."

वाम नेता गुरुदास दासगुप्ता ने इसे स्वतंत्र भारत में अपनी तरह का एकमात्र घोटाला बताया.

उन्होंने कहा, "ये कानून का उल्लंघन है. इसमें ढेर सारा पैसा शामिल है. सरकार की नाक के नीचे ये सब पिछले दो साल से चल रहा था."

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