व्हाइट हाउस में शहनाज़ हुसैन

शहनाज़ हुसैन
Image caption शहनाज़ हुसैन ने अमरीका के हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय में अपनी सफलता के राज बताए

भारत की मशहूर हर्बल ब्यूटी क्योर क्वीन कही जाने वाली शहनाज़ हुसैन अब अमरीका के व्हाइट हाउस में अपना जलवा दिखाने जा रही हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शहनाज़ हुसैन को उद्यमियों के सम्मेलन में शामिल होने की दावत दी है.

वॉशिंगटन में 26 अप्रैल को शुरू होने वाले इस सम्मेलन का मकसद ऐसे तरीके ढूंढ़ना है जिनसे अमरीका और मु्स्लिम जगत के व्यापार और सामाजिक उद्यमियों के बीच रिश्ते बेहतर बनाए जा सकें.

दो दिनों के इस सम्मेलन में दुनिया भर के नामी गिरामी उद्यमी और व्यापार जगत की जानी-मानी हस्तियां भाग ले रही हैं.

इस सम्मेलन में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अलावा उनके प्रशासन के कई उच्च अधिकारी भी भाग लेंगे.

दिल्ली स्थित अमरीकी दूतावास के डिप्टी चीफ़ ऑफ़ मिशन स्टीवन व्हाइट ने इस सम्मेलन में शहनाज़ हुसैन को निमंत्रण देते हुए लिखा, “आपको कई ऐसे लोगों में से चुना गया है जो बहुत काबिल हैं, आप एक मार्ग प्रशस्त करने वाली उद्यमी हैं.”

वॉशिंगटन जाने से पहले वह कुछ दिन के लिए न्यूयॉर्क में रूकीं.

शहनाज़ हुसैन ने इस निमंत्रण पर कहा, “यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि सम्मेलन में मैं भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हूं. हमारे लिए यह बहुत खुशी की बात है. राष्ट्रपति बराक ओबामा बहुत नेक इंसान हैं और अगर विश्व शांति लाने में हम उनकी कोई मदद कर सकते हैं तो यह हमारी खुशकिस्मती है.”

शहनाज़ के लोकप्रिय हर्बल प्रॉडक्ट्स

शहनाज़ हुसैन के हर्बल और आयुर्वेद पर आधारित सौंदर्य प्रसाधनों को भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पसंद किया जाता है.

पिछले तीन दशकों से अधिक समय से शहनाज़ हर्बल प्रॉडक्टस का बाज़ार में बोलबाला रहा है.

Image caption दुनिया भर में शहनाज़ के उत्पादों की लोकप्रियता उनकी सफलता को बयान करती है

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उनके उत्पादों की लोकप्रियता उनकी सफ़लता की कहानी को बयान करती रही है.

सन 1958 में उन्होंने अपना कारोबार घर से शुरू किया.

यह व्यापार इतना लोकप्रिय हुआ कि कहा जाता है कि उनके सामानों को ब्रिटेन की प्रिंसेज़ डायना, चार्ल्स, भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर पॉप संगीत के सुपरस्टार माईकल जैकसन और हॉलीवुड अभिनेत्री एलीज़बेथ टेलर तक उनका प्रयोग करती थीं.

हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान

अमरीका के इस दौरे के दौरान शहनाज़ हुसैन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के मशहूर बिज़नेस स्कूल में अपनी कंपनी के उत्पादों के प्रचार के अनोखे अंदाज़ का भी विवरण दिया.

हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल में उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े विज्ञापनों के बजाए उनकी कंपनी आम लोगों द्वारा सामान प्रयोग करने के बाद एक दूसरे को इस बारे में जानकारी देने पर ही निर्भर करती है.

शहनाज़ हुसैन ने कहा,“हमने हार्वर्ड के प्रोफ़ेसरों से कहा कि हम विज्ञापन कंपनियों को लाखों डॉलर देकर अपने सामान को अच्छा क्यूं कहलवाएं, यह क्या बात हुई. अगर हमारा सामान अच्छा है तो वह खुद ही बोलेगा. लोग उसे खुद ही पसंद करेंगे. हमने तो ऐसे ही किया है पिछले तीस सालों से.”

पिछले कुछ सालों में भारत में सौंदर्य प्रसाधन उद्योग में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है और अब यह 2500 करोड़ रूपए से ज़्यादा का उद्योग हो गया है.

शहनाज़ हुसैन कहती हैं कि अब भारत में पुरुष और महिलाओं दोनों में ही खूबसूरती की ओर ध्यान बढ़ा है, और लोग अपनी त्वचा और चेहरे के रखरखाव पर ज़्यादा ध्यान देने लगे हैं.

शहनाज़ हुसैन का कहना है कि इस सम्मेलन में उनको दावत दिए जाने का कारण भारत की 3000 वर्ष पुरानी आयुर्वेद पर आधारित चिकित्सा पद्धति की पश्चिम में बढ़ती लोकप्रियता है.

उनका कहना था कि वह अमरीकी राष्ट्रपति से कहेंगी कि वे भारत के साथ मिलकर विश्व में शांति, अहिंसा और निरस्त्रीकरण के लिए काम करें.

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