थाई प्रधानमंत्री का कड़ा रुख़

बैंकॉक में हिंसा
Image caption तीन दिनों से जारी हिंसा में 22 लोगों की मौत हो चुकी है

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सेना और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच जारी झड़पों के बीच प्रधानमंत्री अभिसीत विजयजीवा ने कहा है कि सरकार पीछे नहीं हटेगी और प्रदर्शनकारियों को भगा कर ही दम लेगी.

उन्होंने कहा कि बल प्रयोग के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है.

सरकारी टेलिविज़न पर सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए विजयजीवा ने कहा, "सरकार को आगे बढ़ कर ये कारर्वाई करनी ही पड़ेगी. हम पीछे नहीं हट सकते क्यों कि हम देश हित में ये क़दम उठा रहे हैं."

उनके अनुसार देश क़ानून का शासन बनाए रखने और स्थिति को सामान्य बनाने के उद्देश्य से ही सेना की कार्रवाई की जा रही है.

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों में सेना ने लगातार तीसरे दिन भी फायरिंग की है जिसमें 6 लोग मारे गए. प्रदर्शनकारियों ने भी ग्रेनेड हमले किए हैं.

गुरुवार को लाल कमीज़धारी प्रदर्शनकारियों के एक शीर्ष नेता को गोली लगने के बाद हिंसा का ताज़ा दौर शुरू हुआ है. तीन दिनों की हिंसा में कम से कम 22 लोग मारे गए हैं, जबकि सैंकड़ो अन्य घायल हो गए हैं.

सेना ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार भी किया है.

पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन चिनावाट समर्थक प्रदर्शनकारी नया चुनाव चाहते हैं.

सेना का घेरा

बैंकॉक में थाई सेना ने लाल कमीज़धारी प्रदर्शनकारियों के सबसे बड़े शिविर को घेर लिया है. इस कार्रवाई के पीछे सेनाका उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को शिविर में ही घेर कर रखना और उनकी खाद्य सामग्री की सप्लाई को बंद करना है.

बैंकॉक के उन इलाकों में फायरिंग और धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं जहां सरकार विरोधी लालकमीज़धारी प्रदर्शनकारी अपने शिविर लगाए हुए हैं. इन इलाकों में जलती टायरों का धुआँ भी फैला हुआ है.

सेना ने प्रदर्शनकारियों की उपस्थिति वाले एक इलाक़े को 'लाइव फायर ज़ोन' घोषित कर दिया है.

इस बीच बैंकॉक स्थित अमरीकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को सलाह दी है कि संभव हो तो वे अपने परिजनों को राजधानी से बाहर ले जाएँ.

अमरीका ने अपने नागरिकों को भी इस समय बैंकॉक नहीं आने की सलाह दी है.

बैंकॉक स्थित अमरीकी दूतावास के प्रर्वक्ता माइकल टर्नर ने कहा," हम अमरीकी नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे बैंकॉक की यात्रा न करें और थाईलैंड के अन्य भागों में भी ग़ैरज़रूरी यात्रा करने से बचें. हम स्थिति पर बराबर नज़र रखे हुए हैं, और अपने नागरिकों को लगातार संदेशों और चेतावनी के ज़रिए आगाह कर रहे हैं."

इस बीच सयुंक्तराष्ट्र के महासचिव बान की मून ने इस मसले को सुलझाने के लिए वार्तालाप दोबारा शुरु करने की अपील की है. लेकिन प्रधानमंत्री विजयजीवा ने शनिवार के टेलीविज़न संदेश में इससे इनकार किया है.

प्रदर्शनकारियों के एक नेता नतावुट सइकुआ ने चेतावनी दी है यदि संकट का समाधान बातचीत के ज़रिए नहीं किया गया तो थाइलैंड में गृहयुद्ध फैल सकता है.

सइकुआ ने कहा, "अभी जो स्थिति है वो मेरी समझ से गृहयुद्ध की ओर जा रही है. हम नहीं चाहते हैं कि गृहयुद्ध हो. लेकिन पहले प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी बंद हो तभी हम अपनी माँगों के बारे में कोई बातचीत कर सकेंगे."

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