अब सरकार के गठन के लिए जोड़तोड़

ब्रितानी संसद
Image caption 1974 के बाद पहली बार किसी दल को बहुमत नहीं मिला है

ब्रिटेन में हुए आम चुनावों में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए ज़रूरी बहुमत नहीं मिल सका है और तीन दशकों बाद वहाँ त्रिशंकु संसद आई है.

सत्तारूढ़ लेबर पार्टी को इन चुनावों में बहुत नुक़सान हुआ है और विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है.

ब्रितानी संसद के हाउस ऑफ़ कॉमन्स की 650 सीटों में से 649 सीटों पर मतदान हुआ था.

सभी 649 सीटों के परिणामों में से कंज़रवेटिव पार्टी को 306, लेबर पार्टी को 258, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को 57 सीटें मिली है जबकि अन्य को 28 सीटें मिली हैं.

बहुमत के लिए 326 सीटों की ज़रुरत है.

इन परिणामों के बाद कंजरवेटिव पार्टी और लेबर पार्टी दोनों ने लिबरल डेमोक्रेट पार्टी को अपनी ओर खींचने की कोशिशें शुरु कर दी हैं.

कंज़रवेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन ने कहा है कि ब्रितानी राजनीतिक दलों को जल्दी ही कोई फ़ैसला करना होगा. उन्होंने सरकार से गठन के लिए लिबरल डेमोक्रेट से चर्चा करने के संकेत दिए हैं.

लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता निक क्लेग ने कहा है कि वे अपनी इस बात पर क़ायम हैं कि सबसे बड़े दल को सरकार के गठन का मौक़ा मिलना चाहिए.

लेकिन लेबर पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि यदि कंजरवेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट में समझौता नहीं होता है तो वे लिबरल डेमोक्रेट से समझौते के लिए बात करेंगे.

कंज़रवेटिव का 'खुला प्रस्ताव'

कंज़रवेटिव पार्टी हाउस ऑफ़ कॉमन्स में 306 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है लेकिन यह संख्या सरकार बनाने के लिए ज़रुरी 326 से अभी भी 20 कम है.

ऐसे में उन्हें सरकार बनाने के लिए सहयोग की ज़रुरत होगी.

जब परिणाम आने शुरु हुए और साफ़ दिखने लगा कि चुनावों में लेबर पार्टी को भारी नुक़सान का सामना करना पड़ा है तभी कंज़रवेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन ने कहा था कि लेबर पार्टी सत्ता में बने रहने का अधिकार खो चुकी है.

उन्होंने कहा कि वे सरकार के गठन के लिए अब दूसरी पार्टियों से बातचीत करने के लिए तैयार हैं.

डेविड कैमरन ने कहा कि सरकार के गठन के लिए उनका प्रस्ताव खुला है. यह एक गठबंधन सरकार भी हो सकती है या फिर सहयोगी दल एक अल्पमत सरकार को बाहर से समर्थन दे सकते हैं.

उन्होंने संभावित सहयोगी के रूप में लिबरल डेमोक्रेट का नाम लिया और कहा, "एक मज़बूत सरकार के गठन के लिए एक बड़ा, खुला और वृहत प्रस्ताव है."

लिबरल डेमोक्रेट के बारे में उन्होंने कहा कि कंज़रवेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट के बहुत से लक्ष्य एक समान हैं.

उनका कहना था कि दो दल टैक्स व्यवस्था में बदलाव, शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और लो-कार्बन अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र में विचारों की समानता के आधार पर साथ आ सकते हैं.

बीबीसी के संवाददाता निक रॉबिन्सन का कहना है कि कंज़रवेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी का साथ आना ही 'स्थाई बहुमत' के लिए एकमात्र विकल्प दिखता है लेकिन इसके रास्ते में अभी सैकड़ों बाधाएँ हैं.

लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी अहम

Image caption लिबरल डेमोक्रेट्स की भूमिका अब किंग मेकर की है

लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 57 सीटें हैं और यह साफ़ दिख रहा है कि उनके सहयोग के बिना एक स्थाई सरकार का गठन असंभव है.

चुनाव प्रचार के दौरान ही लिबरल डेमोक्रेट के नेता निक क्लेग ने कहा था कि जो पार्टी सबसे बडी़ पार्टी होगी उसे ही सरकार बनाने की कोशिश करनी चाहिए.

परिमाण आने के बाद शुक्रवार को उन्होंने अपनी बात को दोहराया है और कहा है कि कंज़रवेटिव को देशहित में सबसे पहले सरकार बनाने की कोशिश करनी चाहिए.

हालांकि डेविड कैमरन के प्रस्ताव पर अभी तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है लेकिन लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के सूत्रों ने कंज़रवेटिव पार्टी के प्रस्ताव को 'दिलचस्प' बताया है.

निक क्लेग ने शनिवार को अपने सांसदों की एक बैठक बुलाई है और संभावना है कि इस बैठक में कंज़रवेटिव पार्टी के प्रस्ताव पर कोई चर्चा होगी.

किसी भी समझौते के लिए क्लेग को अपनी पार्टी के संसदीय दल और कार्यकारिणी की अनुमति की ज़रुरत होगी.

लेबर के लिए इंतज़ार है रास्ता

लेबर पार्टी के पास 258 सीटें हैं.

संविधान कहता है कि यदि त्रिशंकु संसद हो तो सत्तारूढ़ पार्टी का नेता तब तक कुर्सी पर बना रह सकता है जब तक वह तय नहीं कर लेता कि वह अब सरकार नहीं बना सकता और उसे इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

इसी के तहत अब तक गॉर्डन ब्राउन ने पद छोड़ने के कोई संकेत नहीं दिए हैं.

प्रधानमंत्री निवास, 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर दिए गए एक बयान में गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि फ़िलहाल उनकी सरकार अपनी आर्थिक ज़िम्मेदारियों का निर्वहन करती रहेगी और वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में ऐसा रास्ता ढूँढ़ने का प्रयास करती रहेगी जो 'देश के लिए अच्छा' हो.

उन्होंने कहा कि वे लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के इस रुख़ का सम्मान करते हैं कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कंज़रवेटिव पार्टी को पहले सरकार बनाने का मौक़ा मिलना चाहिए.

उनका कहना था कि कंज़रवेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट को आपस में बात करने के लिए पर्याप्त मौक़ा मिलना चाहिए.

गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि यदि दोनों दलों के बीच कोई सहमति नहीं बनती है तो वे लिबरल डेमोक्रेट के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हैं.

उनका कहना था कि लेबर पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट मतदान प्रक्रिया में सुधार और आर्थिक संकट से उबरने जैसे मुद्दों पर साथ आ सकते हैं.

लेकिन संकट यह है कि यदि दोनों दल साथ आ जाते हैं तो भी बहुमत के जादुई आँकड़े में फिर भी कमी रह जाएगी और ऐसे में कुछ और दलों को साथ लेना एक मजबूरी होगी.

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