ब्रिटेन में दशकों बाद त्रिशंकु संसद

गॉर्डन ब्राउन, डेविड कैनरन और निक क्लेग

ब्रितानी आम चुनावों में अधिकतर सीटों के नतीजे आ गए हैं और बीबीसी के पर्यवेक्षकों के मुताबिक ब्रिटेन में त्रिशंकु संसद आ रही है. सत्ताधारी लेबर पार्टी को पछाड़कर विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई है.

ब्रितानी संसद के हाउस ऑफ़ कॉमन्स की 650 सीटों में से 649 सीटों पर मतदान हुआ था.

फ़िलहाल घोषित 615 घोषित परिणामों में से कंज़रवेटिव पार्टी को 290, लेबर पार्टी को 247, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को 51 सीटें मिली हैं. बहुमत के लिए 326 सीटों की ज़रुरत है.

लेबर बारी अपने बूते पर बहुमत हासिल करने की स्थिति में नहीं है लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि किस पार्टी की सरकार बन सकती है.

वर्ष 1974 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि ब्रिटेन में त्रिशंकु संसद होगी. ब्रिटेन में राजनीतिक परंपरा के मुताबिक ऐसी स्तिथि में सत्ताधारी पार्टी के नेता को ही पहले स्थायी सरकार बनाने का अवसर मिलता है.

इससे पहले ब्रितानी ब्रॉ़डकास्टर्स द्वारा कराए एग्ज़िट पोल के अनुसार डेविड कैमरन के नेतृत्व वाली कंज़रवेटिव पार्टी को 305, लेबर को 255 और लिबरल डेमोक्रेट्स को 61 सीटें मिलने की संभावना है. लेकिन एग्ज़िट पोल को केवल एक संकेत मात्र माना जा सकता है.

'लेबर ने सत्ता में रहने का अधिकार गँवाया'

फ़िलहाल लिबरल डेमोक्रेट्स को उतनी सीटें नहीं मिली हैं जितनी सीटों की उम्मीद एग्ज़िट पोल में जताई गई थी. अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि बढ़त हासिल करने के बावजूद कंज़रवेटिव पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल कर पाएगी या नहीं.

बीबीसी के राजनीतिक संपादक निक रॉबिनसन के मुताबिक लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता निक क्लेग 'किंग-मेकर' बन गए हैं.

ब्रिटेन में पिछले तीन चुनावों में जीत हासिल करने के बाद सत्ता में बनी हुई लेबर पार्टी और पिछले एक दशक के अधिक समय से विपक्ष में बैठी कंज़रवेटिव पार्टी के बीच सरकार बनाने के मुद्दे पर कुछ अलग-अलग विचार सामने आए हैं.

कंज़रवेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन ने कहा है, "चुनावी नतीजे आ रहे हैं......लेकिन ये स्पष्ट हो गया है कि लेबर पार्टी सत्ता में रहने का अधिकार गंवा चुकी है."

उधर लेबर पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है, "मेरी ज़िम्मेदारी है कि इस चुनाव के बाद मैं ब्रिटेन में सशक्त, स्थायी और सिद्धांतों के आधार पर सरकार बनाने में भूमिका निभाऊँ....ऐसी सरकार जो निरंतर आर्थिक बेहतरी के लिए और राजनीतिक व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधारों को लागू कर सके जिनका हमने वादा किया है....जिनके बारे में हमारे देश में सर्वसम्मति है."

प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन को अपनी सीट पर जीत हासिल हुई है. कंज़रवेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन ने भी अपनी सीट जीत ली है.

कई जगहों पर शिकायतें

ब्रिटेन में सैकड़ों लोगों ने शिकायत की है कि उन्हें बिना वोट डाले लौटना पड़ा है. ब्रिटेन के चुनाव आयोग ने कहा है कि लोगों को वोट न डालने की शिकायत के मामले की व्यापक समीक्षा की जाएगी.

चुनाव आयोग की अधिकारी जेनी वाटसन ने कहा है कि यह गंभीर मामला है और इसके लिए निर्वाचन अधिकारियों को जवाब देना पड़ेगा.

ब्रिटेन में मतदान रात दस बजे तक चलता है लेकिन इस बार कई मतदाताओं ने शिकायत की कि वो कतार में खड़े रहे लेकिन उन्हें वोट नहीं डालने दिया गया.

लेबर पार्टी की नेता हैरियड हरमन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि हर वो आदमी जो दस बजे कतार में था उसे वोट डालने का अधिकार है और वोट नहीं डालने देना उसके मूल अधिकारों का हनन है. उन्होंने कहा कि चाहे इसका परिणामों पर असर पड़े या न पड़े लेकिन इस पर विवाद ज़रुर होगा.

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