लंदन का हैरड्स स्टोर बिका

हैरड्स
Image caption लंदन की शान है हैरड्स

दुनिया भर में मशहूर लंदन के हैरड़्स स्टोर का सौदा हो गया है. क़तर होल्डिंग्स ने लगभग डेढ़ अरब पाउंड में हैरड्स को ख़रीदा है.

मिस्र में जन्मे और लंदन में बसे उद्योगपति मोहम्मद अल फ़ायद ने 1985 मे हैरड्स को 61 करोड़ 50 लाख पाउंड मे ख़रीदा था.

हैरड्स ग्रुप के इस सौदे में हैरड्स की सभी इकाइयाँ शामिल हैं, जैसे हैरड्स एस्टेट और चार्टर एयरलाइन सेवा.

लंदन के चर्चित नाइट्स ब्रिज इलाक़े में स्थित सात मंज़िला हैरड्स अभिजात वर्ग का स्टोर माना जाता है.

लंदन में आम तौर पर इसे शानो शौक़त के पर्याय के रूप में जाना जाता है.

हैरड्स एक शानदार स्टोर ही नहीं बल्कि दुनिया भर से आने वाले सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र भी है.

लंदन के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में हैरड्स शामिल है.

दुनिया भर से आए सैलानियों की लंदन की सैर तब तक पूरी नहीं होती जब तक वे हैरड्स स्टोर न देख लें.

सौदा

इस सौदे मे सलाहकार रहे लेसर्ड इंटरलैशनल कंपनी के अध्यक्ष कैन कोस्टा का कहना था कि अल फ़ायद अब अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं.

कैन कोस्टा का कहना था, "अवकाश लेने से पहले अल फ़ायद ये सुनिश्चित कर लेना चाहते थे कि जो परंपरा और विरासत हैरड्स के साथ जुड़ी है, वो आगे भी बरक़रार रहे और इस बात का ध्यान रखा जाए कि जो टीम उन्होंने बनाई है, वह पूरे उत्साह से हैरड्स की बुनियाद मज़बूत करती रहे."

कैन कोस्टा का कहना था कि मोहम्म्द अल फ़ायद ने हैरड्स के सौदे के लिए क़तर होल्डिंग्स को ख़ास तौर पर चुना.

उनका कहना था कि अल फ़ायद ये मानते हैं कि क़तर होल्डिंग्स अपनी बेहतर वित्तीय स्थिति की वजह से हैरड्स को और आगे ले जाएगी.

हैरड्स के सौदे के बारे मे मार्च से ही अटकलें लगाई जाने लगीं थीं जब क़तर के शाही परिवार की ओर से क़तर के एक निवेशक ने मोहम्म्द अल फ़ायद से मुलाक़ात की थी.

ब्रिटन मे अल फ़ायद की व्यावसायिक कंपनियों में प्रीमियरशिप फुटबॉल क्लब फुल्हम एफ़सी भी शामिल है.

कई दशकों से लंदन मे रह रहे मोहम्मद अल फ़ायद को ब्रिटन की नागरिकता नहीं दी गई.

ब्रितानी पासपोर्ट के लिए उनकी अर्ज़ी को बार-बार नामंज़ूर किया गया.

मोहम्म्द अल फ़ायद का ये मानना था कि पेरिस में एक कार दुर्घटना मे मारे गए उनके बेटे डोडी और राजकुमारी डायना की एक साज़िश के तहत हत्या की गई थी. अपने इस दावे को साबित करने के लिए अल फ़ायद ने लगभग 10 साल तक विफल अभियान चलाया.

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