बिना हत्या किए ही क़ातिल बना

चीन के एक व्यक्ति को दस साल की क़ैद के बाद रिहा कर दिया गया जब पता चला कि जिसकी हत्या के आरोप में वो बंद था वो ज़िदा है.

उसकी क़ैद के दौरान उनकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली और उसके बच्चों को दूसरे लोगों ने गोद ले लिया.

ज़ाओ ज़ूओहाई का उसके पड़ोसी के साथ झगड़ा हुआ और मारपीट हुई जिसके बाद उसका पड़ोसी लापता हो गया.

अठारह महीने के बाद सर कटी हुई और गली हुई एक लाश मिली जिसे ज़ाओ का पड़ोसी मानकर उन्हें उसकी हत्या के आरोप में बंद कर दिया गया.

इस ग़लत फ़ैसले का पता तब चला जब उनके पड़ोसी हेनान प्रांत स्थित अपने गांव में लौटे.

उनका कहना था कि वो गांव से इसलिए भाग गए थे क्योंकि उन्हें लगा कि मारपीट के दौरान ज़ाओ ज़ूओहाई की मौत हो गई थी.

ज़ाओ को सज़ा कथित रूप से उनके इकबालिया बयान के बाद हुई थी.

उनके भाई ने बताया कि पुलिस ने उन्हें ज़बरदस्ती मिर्च वाला पानी पिलाया और उनके सर पर पटाखे चलाए जिससे वो जुर्म कबूल लें.

संवाददाताओं का कहना है कि चीन की अदालतों में इकबालिया बयानों को काफ़ी अहमियत दी जाती है और इसलिए पुलिस की पूरी कोशिश होती है इस तरह के जबरन बयान उगलवाने की.

अब इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं और सज़ा सुनानेवाले जजों को भी सज़ा मिलेगी.

ज़ाओ को पहले इस कथित अपराध के लिए मौत की सज़ा मिली थी लेकिन बाद में उसे 29 साल की क़ैद में बदल दिया गया था.

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