डेविड कैमरन ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री

डेविड कैमरन और उनकी पत्नी (रॉयटर्स तस्वीर)
Image caption ब्रिटेन के पिछले 200 वर्षों के इतिहास में 43-वर्षीय डेविड कैमरन सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री हैं.

कंज़रवेटिव पार्टी नेता डेविड कैमरन ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं.

लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी के नेता निक क्लेग पिछले 70 सालों की पहली मिली-जुली सरकार में उप-प्रधानमंत्री होंगे.

ब्रिटेन के पिछले 200 वर्षों के इतिहास में 43-वर्षीय डेविड कैमरन सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री हैं.

ब्रितानी प्रधानमंत्री के सरकारी आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर दिए गए एक वक्तव्य में कैमरन ने बजट घाटे और सामाजिक समस्याओं जैसी चुनौतियों से लड़ने की बात कही.

ब्रिटेन के इतिहास में पहली बार कंज़रवेटिव और लिबरल डेमोक्रेट पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाई है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा पहले विदेशी नेता थे जिन्होंने डेविड कैमरन को फ़ोन कर बधाई दी. उन्होंने नए ब्रितानी प्रधानमंत्री को वाशिंगटन आने का निमंत्रण दिया.

डेविड कैमरन का अगला काम है अपनी कैबिनेट को शक्ल देना और इस काम की शुरुआत भी हो गई है.

जॉर्ज ऑसबर्न नए वित्त मंत्री, विलियम हेग नए विदेश मंत्री और लियम फॉक्स नए रक्षा मंत्री होंगे.

डॉउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने बताया कि लिबरल डेमोक्रेट पार्टी को पाँच कैबिनेट मंत्रालय दिए गए हैं जिनमें निक क्लेग का मंत्रालय शामिल है.

लिबरल डेमोक्रेट-लेबर की बातचीत टूटी

Image caption निक क्लेग पिछले 70 सालों की पहली मिली-जुली सरकार में उप-प्रधानमंत्री होंगे.

लिबरल डेमोक्रेट पार्टी का कहना था कि लेबर पार्टी के साथ उनकी बातचीत इसलिए टूट गई क्योंकि लेबर पार्टी ने एक प्रगतिशील और सुधारवादी सरकार बनाने की संभावना को गंभीरता से नहीं लिया.

एक पार्टी प्रवक्ता ने कहा के लेबर पार्टी के बर्ताव से ऐसा आभास हुआ कि वो चाहते हैं कि दोनो दलों की बीच चल रही बातचीत टूट जाए.

प्रवक्ता का कहना था कि लेबर पार्टी ने ऐसी कोई कोशिश नहीं की जिससे टैक्स सुधार और स्कूलों की फंडिंग जैसे मुद्दों पर एक जैसी सोच सामने आ सके.

उधर लेबर पार्टी के लॉर्ड मैंडलसन ने बीबीसी से कहा कि किसी भी समझौते पर नहीं पहुँचने के लिए लिबरल डेमोक्रेट्स ज़िम्मेदार हैं.

उन्होंने कहा कि लिबरल डेमोक्रेट पार्टी ने इतनी रुकावटें पैदी कीं जिनसे ऐसा लगा कि उन्हें कंज़रवेटिव पार्टी में ज़्यादा संभावनाएँ नज़र आ रही हैं.

भावुक गॉर्डन ब्राउन

इससे पहले 10 डॉउनिंग स्ट्रीट के बाहर दिए गए एक भावुक बयान में गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि प्रधानमंत्री के पद पर बैठना उनके लिए सौभाग्य की बात रही है.

उधर लेबर पार्टी की नेशनल एक्ज़ेक्युटिव कमेटी ने इशारा दिया है कि वो गॉर्डन ब्राउन के उत्तराधिकारी को जून के अंत तक चुनना चाहेंगे.

गॉर्डन ब्राउन ने जून 2007 में टोनी ब्लेयर के बाद प्रधानमंत्री पद संभाला था.

कई सालों से गॉर्डन ब्राउन की तमन्ना थी कि वो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनें. तीन साल पहले टोनी ब्लेयर के प्रधानमंत्री पद छोड़ने पर उनकी ये तमन्ना पूरी हुई.

Image caption गॉर्डन ब्राउन ने जून 2007 में टोनी ब्लेयर के बाद प्रधानमंत्री पद संभाला था.

ब्राउन करीब 10 सालों तक ब्रिटेन के वित्त मंत्री रहे. इस दौरान ब्रिटेन में आर्थिक प्रगति का दौर रहा. लेकिन जब वो प्रधानमंत्री बने तो उन्हें भारी आर्थिक मंदी के दौर से जूझना पड़ा.

पिछले वर्ष लंदन में हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और आर्थिक मंदी से उबरने के लिए लाए गए बेलआउट प्लान को लेकर उनकी प्रशंसा हुई.

लेकिन कई बातों को लेकर उनकी भारी आलोचना भी हुई. चुनाव प्रचार के दौरान एक टिप्पणी को लेकर हुई आलोचना इसका ताज़ा उदाहरण है.

डेविड कैमरन

डेविड कैमरान वर्ष 2005 में राजनीतिक पटल पर उस वक्त नज़र आए जब वो कंज़रवेटिव पार्टी के नेता चुने गए.

उन्होंने पार्टी के आधुनिकीकरण की बात की ताकि सालों विपक्ष में रहने के बाद कंज़रवेटिव पार्टी सत्ता में वापस आने के लायक बन सके. पाँच वर्ष बाद वो आम चुनाव में कंज़रवेटिव पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे.

डेविड कैमरन का जन्म एक रईस परिवार में हुआ. उन्होंने ब्रिटेन के मशहूर स्कूल इटन में शिक्षा हासिल करने के बाद ऑक्सफ़ोर्ड का रुख किया. हालांकि उनकी काफ़ी आलोचना हुई कि वो रईस परिवार से ताल्लुक रखते थे, डेविड कैमरन ने कहा कि जो बात ज़्यादा ज़रूरी है कि आपकी ज़िंदगी क्या रुख ले रही है.

20 वर्षों से ज़्यादा तक पार्टी इनसाइडर रहे डेविड कैमरन की लोग बेहद प्रशंसा करते हैं लेकिन कुछ दक्षिणपंथी लोग उनके सिद्धांतों को लेकर आश्वस्त नहीं हैं.

बीबीसी संवाददाता रॉब वॉटसन कहते हैं कि उनकी राजनीति और उनके शासन करने के तरीके से हम जल्द वाकिफ़ होंगे.

वो कहते हैं कि आम चुनाव में उनकी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया जिसकी वो उम्मीद कर रहे थे औऱ इसका अर्थ ये है कि भविष्य में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

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