बैंकॉक में प्रदर्शनकारियों, सेना के बीच झड़पें

प्रदर्शनकारी
Image caption प्रदर्शनकारियों ने दो महीनों से बैंकॉक के कई हिस्सों पर कब्ज़ा कर रखा है और वहाँ कामकाज ठप्प है

थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में सेना और हज़ारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच अनेक जगहों पर झड़पें हुई हैं. सेना ने फ़ायरिंग की है और आंसू गैस के गोले दागे हैं.

सेना प्रदर्शनकारियों के उस कैंप में दाख़िल होने की कोशिश कर रही है जिसके आसपास प्रदर्शनकारियों ने नाकेबंदी कर रखी है.

राजधानी और आसपास के इलाक़ों में पहले से ही आपातकाल लागू है और इसे 15 अन्य प्रांतों में भी लागू करने की घोषणा की गई है.

लाल कमीज़ें पहने हुए प्रदर्शनकारियों में वामपंथी, लोकतंत्र समर्थक और अपदस्थ प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावाट के समर्थक शामिल हैं.

उनका कहना है कि वर्तमान सरकार अवैध है क्योंकि वो चुनाव जीतकर सत्ता में नहीं आई है. प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि संसद भंग की जाए और नए चुनाव कराए जाएं.

एक मारा गया, अनेक घायल

बैंकॉक में मौजूद बीबीसी संवाददाता एलिस्टर लीटहेड का कहना है कि रुक-रुक कर फ़ायरिंग हो रही है और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं.

प्रदर्शनकारी भी इसके जवाब में पटाख़े फोड़ रहे हैं.

गुरुवार रात को हुई झड़पों में एक प्रदर्शनकारी मारा गया था और अनेक घायल हो गए थे.

प्रदर्शनकारियों के सैन्य प्रमुख माने जाने वाले मेजर जनरल खट्टिया सावासडिपोल भी घायल हुए थे.

प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के इलाक़े की दी जाने वाली पानी और बिजली की सप्लाई को काट दिया है.

एलिस्टर लीटहेड के अनुसार पूरा क्षेत्र जैसे युद्ध के मैदान में तबदील हो गया है और सैनिक एक पार्क में प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चला रहे हैं.

उस इलाक़े के नागरिक अपने घर छोड़कर भाग गए हैं. दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और स्कूल-कॉलेज बंद हैं.

बैंकॉक में ब्रितानी दूतावास को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है.

इसे पिछले दो दशक में थाइलैंड में राजनीतिक अस्थिरता का सबसे बुरा दौर माना जा रहा है.

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