बदल गई ज़िंदगी

इंद्र तमांग
Image caption इंद्र तमांग अब करोड़पति हो गए हैं

पिछले 36 साल से इंद्र तमांग मैनहैटन में एक धनी परिवार के नौकर थे. किस्मत ने ऐसा पलटा खाया कि अब वे उसी घर के मालिक बन गए हैं.

शहर की एक मशहूर इमारत डकोटा में स्थित तीन कमरे के घर में इंद्र तमांग पिछले कई सालों से अपनी बूढ़ी मालकिन की मुस्तैदी से देखरेख कर रहे थे. पिछले साल अगस्त में तमांग की 98 वर्षीय मालकिन रूथ फ़ोर्ड करोड़ों डॉलर के करीब की जायदाद उनके नाम छोड़ कर चल बसीं.

बुज़ुर्ग महिला ने तमांग के नाम दो अपार्टमेंट छोड़े हैं जिनकी क़ीमत करोड़ों डॉलर में आंकी जा रही है. इसके अलावा परिवार का लाखों डॉलर का निजी रूसी आर्ट संग्रह भी उनके नाम किया गया है.

ये ख़बर देर से बाहर आई क्योंकि बुज़ुर्ग महिला की बेटी ने वसीयत को अदालत में चुनौती दी थी लेकिन ये मामला सुलझा लिया गया और अप्रैल महीने में संपत्ति तमांग के नाम हो गई.

बदलूंगा नहीं

Image caption महंगे इलाक़े की इस इमारत में तमांग का अपार्टमेंट है

तमांग ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में बताया कि वह खुश तो हैं लेकिन यह आसानी से नहीं हुआ.

तमांग कहते हैं,“आसमान से नहीं बरस पड़ा है. मैंने 36 साल तक अपना घर बार छोड़कर पूरी ईमानदारी और निष्ठा से इस परिवार की सेवा की है.”

ये पूछे जाने पर कि क्या इतनी बड़ी संपत्ति के मालिक बनने के बाद भी उनमें कोई बदलाव आया है तो तमांग हंसते हुए कहते हैं, “मैं तो वही पुराना तमांग हूं, जैसे मैं दस साल पहले था, बस थोड़ा वज़न बढ़ गया है. मैं हमेशा वही पुराना तमांग ही रहूंगा. में बदलूंगा नहीं.”

नेपाल के मकानपुर ज़िले के एक गांव में जन्में इंद्र तमांग को रूथ फ़ोर्ड के भाई चार्ल्स फ़ोर्ड, जो एक लेखक औऱ फ़ोटोग्राफ़र थे, 1974 में एक घरेलू नौकर की हैसियत से अमरीका ले आए. उस समय तमांग 21 साल के थे.

उन्होंने चार्ल्स फ़ोर्ड के साथ फ़ोटोग्राफ़ी भी सीखी औऱ कुछ प्रॉजेक्टस साथ में भी किए. वर्ष 2002 में चार्ल्स फ़ोर्ड गुज़र गए, उसके बाद उनकी बहन रूथ ने तमांग से कहा कि अब चार्ल्स फ़ोर्ड के बाद वे उनके भाई हैं.

तमांग ने रूथ फ़ोर्ड के जीवन के आख़िरी लम्हों तक देखभाल की. उनको आखिरी दिंनो में न तो दिखाई देता था और न ही वह बोल पाती थीं. तमांग ही उनकी दवाओं और खाने की देखरेख करते थे.

मां की याद

अब तमांग चाहते हैं कि चार्लस फ़ॉर्ड की फ़ोटोग्राफ़ी की एक प्रदर्शनी का आयोजन करें औऱ उनके फ़ोटोग्राफ़ को एक किताब की भी शक्ल दें.

तमांग तीन बेडरूम वाला बड़ा घर बेचना चाहते हैं क्यूंकि इस संपत्ति के मालिक उनको कानूनी तौर पर सरकार को बहुत सा टैक्स भी देना है. लेकिन वह यह चाहते हैं कि दूसरा घर वह अपने पास रखें लेकिन उसे फ़िलहाल सिर्फ़ प्रदर्शनियों के लिए प्रयोग किया जाएगा.

वह फ़िलहाल अपनी पत्नी और 10 साल की बच्ची के साथ अपने पुराने घर में ही रहेंगे जिसकी क़िस्त अब वह समझते हैं कि आसानी से अदा हो जाएगी.

तमांग एक नई कार भी लेना चाहते हैं साथ ही वे अपनी मां से मिलने नेपाल भी जाना चाहते हैं.

वह रूंधे गले से कहते हैं, “मैंने अपनी मां को कई सालों से नहीं देखा है, वह बस यही चाहती हैं कि मैं नेपाल वापस आ जाउं. मैं जल्द से जल्द उनसे मिलने जाउंगा. मैं अब अपने परिवार की मदद करना चाहता हूं.”

दोस्तो का तांता

Image caption तमांग के पास सारे वैध काग़ज़ात मौजूद हैं

इस बीच न्यूयॉर्क में उनके घर उनके दोस्तों का तांता लग गया है, लोग उन्हें मुबारकबाद देने आ रहे हैं. उनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो उनसे बहुत दिनों से नहीं मिले थे लेकिन अब अचानक उनको तमांग की याद आ गई है.

तमांग कहते हैं कि उनको नहीं मालूम कि उनको कितना पैसा मिलेगा लेकिन वह जिसकी भी मदद करने लायक होंगे ज़रूर करेंगे.

तमांग की एक पारिवारिक मित्र और पड़ोसन नर्बदा कहती हैं, "इंद्र तमांग बहुत ही नेक और ईमानदार इंसान हैं. वह हमेशा दूसरों की मदद करने को तैयार रहते हैं. मुझे बहुत ख़ुशी है कि यह संपत्ति सही व्यक्ति को हासिल हुई. तमांग की कई साल की कड़ी मेहनत का फल है यह".

तमांग नेपाली समुदाय के लोगों को भी यही राय देते हैं कि अगर वे अमरीका में आकर रहना चाहते हैं तो इस देश को पूरी तौर पर अपनाएं और मेहनत और ईमानदारी से अपना काम करें.

अब वह अपनी जीवनी लिखने की भी तमन्ना रखते हैं. इस बारे में उनको मदद दरकार है. लेकिन फिलहाल वह कुछ दिन आराम करना चाहते हैं.

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