बैंकॉक में और झड़पें, गतिरोध जारी

सैनिक
Image caption सेना ने प्रदर्शनकारियों के कैंप की घेराबंदी कर रखी है

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सुरक्षाकर्मियों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के कैंप को घेरने के बाद गोलीबारी की है.

इस बीच सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई हैं. कुछ प्रदर्शनकारियों के पास देसी विस्फोटक भी हैं.

इन झड़पों कम से कम दस लोगों की मौत हुई है और सौ से अधिक अन्य लोग घायल हुए हैं.

गोलीबीरी के दौरान एक फ़्रांसिसी पत्रकार को भी गोली लगी है.

गुरुवार को शुरु हुई हिंसा के बाद से अब तक कम से कम सोलह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

सयुंक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून ने इस मसले को सुलझाने के लिए वार्तालाप दोबारा शुरु करने के लिए कहा है. प्रदर्शनकारी ताज़ा चुनाव चाहते हैं क्योंकि उनके मुताबिक वर्तमान सरकार ग़ैर-क़ानूनी ढंग से सत्ता में आई है.

उन्होंने एक पुलिस बस को जला दिया और सुरक्षाबलों पर हमला किया. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने आंसूगैस और रबर की गोलियाँ दागीं.

शहर में स्थित दूतावास बंद कर दिए गए हैं.

बैंकॉक से बीबीसी संवाददाता ने कहा है कि यह पूरा इलाक़ा किसी युद्ध क्षेत्र की तरह दिखाई दे रहा है जहाँ सैनिक गोलीबारी कर रहे हैं और ऊपर हेलीकॉप्टर मंडरा रहा है.

लाल कमीज़धारी प्रदर्शनकारियों में से बहुत से लोग पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन चिनावाट के समर्थक हैं, जिन्हें 2006 में तख़्तापलट के बाद सत्ता से बाहर कर दिया था.

नियंत्रण का प्रयास

लालकमीज़धारी कैंप में पानी और बिजली की सप्लाई बंद कर दी है और सरकार उन इलाक़ों पर फिर से कब्ज़ा हासिल करने की कोशिश कर रही है जिसमें इस समय प्रदर्शनकारियों का कब्ज़ा है.

Image caption प्रदर्शनकारियों ने शहर में जगह-जगह तोड़फोड़ की है

वे गत 14 मार्च से सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. सात अप्रैल को सरकार ने आपातकाल की घोषणा कर दी थी.

इसके बाद 10 अप्रैल को हिंसक प्रदर्शन में 25 लोग मारे गए थे और सौ से अधिक लोग घायल हो गए थे.

इस बीच प्रदर्शनकारियों ने शहर के कई अहम ठिकानों पर कब्ज़ा जमा लिया है.

प्रदर्शनकारियों की ओर से हिंसा उस समय और ज़्यादा भड़क गई जब गुरुवार को उनके सैन्य रणनीतिकार जनरल खट्टिया सावासडिपोल यानी से दाएंग को किसी ने गोली मार दी.

इसके अलावा कई अन्य पत्रकारों को गोली लगी है. अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि उनका समय पर इलाज किया गया है.

हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने सुआन लुम रात्रिबाज़ार के बाहर चेकप्वाइंट बनाया हुआ है ताकि सैनिक उनके मुख्य अड्डे तक न जा सके.

प्रदर्शनकारियों ने महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं और इनका कहना है कि वे बैंकॉक में अपना शिविर बनाए रखेंगे.

सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि 'अगले कुछ दिनों में' स्थिति सामान्य हो जाएगी.

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