ब्रिटेन में क्रांतिकारी गठबंधन समझौता

डेविड कैमरन
Image caption ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और उप प्रधानमंत्री ने एक समझौता दस्तावेज़ जारी किया है

ब्रिटेन की नई सरकार ने कंज़र्वेटिव पार्टी और लिबरल डैमोक्रेट्स के बीच हुए गठबंधन समझौते का ब्योरा प्रकाशित किया है जिसे वो एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ बता रहे हैं.

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि यह समझौता ब्रिटेन को एक ‘मज़बूत और स्थिर सरकार’ दे सकेगा.

उप प्रधानमंत्री निक क्लेग ने कहा कि इस समझौते की आधारशिला ‘स्वतंत्रता, निष्पक्षता और दायित्व’ पर रखी गई है.

ब्रिटेन में 6 मई को हुए संसदीय चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था जिसके बाद कंज़र्वेटिव पार्टी और लिबरल डैमोक्रेट्स की साझा सरकार बनी.

इस 34 पृष्ट के दस्तावेज़ में बैंकिंग, नागरिक स्वतंत्रता, प्रतिरक्षा, पर्यावरण, यूरोप, आप्रवासन, जन कल्याण और राजनीतिक सुधार जैसे विषयों पर नीतिगत सहमति हुई है.

दोनों नेताओं ने कहा कि ब्रिटेन के भारी बजट घाटे को कम करना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी.

क्रांतिकारी समझौता

इस दस्तावेज़ की भूमिका में प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और उपप्रधानमंत्री निक क्लेग ने लिखा है, “इस समझौते में हमने केवल उन नीतियों को स्वीकार नहीं किया जिन पर हम पहले से सहमत थे बल्कि उनसे आगे बढ़कर सहमति बनाई है”.

नेता लिखते हैं, “हमारी पार्टियों के सबसे अच्छे विचारों को मिलाकर सरकार के लिए एक ऐसा कार्यक्रम तैयार हुआ है जो हमारी पार्टियों के घोषणा पत्रों की तुलना में कहीं अधिक क्रांतिकारी और व्यापक है”.

इस दस्तावेज़ में दोनों दलों ने बहुत से समझौते भी किए है.

Image caption ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री निक क्लेग ने कहा कि समझौते की आधारशिला ‘स्वतंत्रता, निष्पक्षता और दायित्व’ पर रखी गई है

इस दस्तावेज़ में ब्रिटेन वासियों के लिए आइडेन्टिटी कार्ड बनाने और राष्ट्रीय पहचान रेजिस्टर तैयार करने की योजना को रद्द करने और स्वतंत्रता विधेयक लाने का वादा किया गया है.

इसके अलावा यह कहा गया है कि राजनीतिक प्रणाली में कई सुधार लाए जाएंगे जिनमें संसदीय चुनाव में वैकल्पिक मतदान प्रणाली पर जनमत संग्रह कराना शामिल है.

ब्रिटेन के ट्राइडेंट परमाणु हथियारों को बनाए रखा जाएगा लेकिन साथ ही यह जांच की जाएगी कि क्या इनपर इतना धन ख़र्च करना उपयुक्त है. लिबरल डैमोक्रैट्स अपने घोषणा पत्र पर क़ायम रहते हुए इनके नवीनीकरण के विरुद्ध आवाज़ उठाते रहेंगे.

लिबरल डैमोक्रैट्स सांसदों को यह छूट होगी कि वो परमाणु बिजली संयंत्र बनाने की योजनाओं में शामिल न हों.

कई मामलों पर बीच का रास्ता

जिन क्षेत्रों में दोनों दलों के बीच सहमति नहीं बन पाई है उनके लिए आयोग गठित किए जाएंगे.

उदाहरण के लिए मानवाधिकार अधिनियम को रद्द करने या बड़े बैंको को तोड़ने जैसे विषयों पर दोनों पार्टियों के विचार अलग हैं.

ग़ैर यूरोपायीय संघ से बाहर के देशों से ब्रिटेन आने वालों की संख्या की सालाना सीमा तय की जाएगी लेकिन जैसा लिबरल डैमोक्रेट्स ने कहा था इस दस्तावेज़ में ग़ैर क़ानूनी रूप से ब्रिटेन में रह रहे लोगों को नागरिकता देने के प्रस्ताव का कोई ज़िक्र नही है.

यूरोप के संबंध में यह तय हुआ है कि यूरोपीय संघ को और अधिकार दिए जाने पर जनमत संग्रह कराया जाएगा और यूरो मुद्रा नहीं अपनाई जाएगी.

इस दस्तावेज़ में अमरीका के साथ एक मज़बूत, नज़दीकी और स्पष्टवादी रिश्ता बनाए रखने का वादा किया गया लेकिन साथ ही भारत और चीन के साथ संबंध बढ़ाने और यूरोप और उत्तरी अमरीका से बाहर तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों की बात भी कही गई.

दोनों दलों ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में जापान, भारत, ब्राज़ील, जर्मनी और एक अफ़्रीकी देश को स्थाई सीट दिलाने की कोशिश पर करने की बात भी कही.