स्पेन से आर्थिक सुधारों की मांग

बेरोज़गारों की क़तार
Image caption स्पेन में बेरोज़गारों की लंबी क़तार ग्रीस जैसे संकट का आभास देती है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने स्पेन से अपनी अर्थव्यवस्था में व्यापक और सुदूरवर्ती सुधार करने को कहा है.

अपने एक आकलन में आईएमएफ ने स्पेन को चेतावनी दी है, कि उसे सख़्त आर्थिक चुनौतियों से जूझना होगा.

आईएमएफ़ ने स्पेन को इससे पहले भी चेतावनी दी है, लेकिन इस बार कड़े शब्दों में ये मांग की गई है.

स्पेन की कमज़ोर पड़ती अर्थव्यवस्था और उस पर बढ़ते क़र्ज़ के बोझ को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चिंता ज़ाहिर की है.

स्पेन पर जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आईएमएफ़ ने कई समस्याएं गिनाई है.

इनमें भारी बजट घाटा, बाज़ार में कमज़ोर प्रतिस्पर्धा, आवासीय बाज़ार में मंदी और बैंकिंग क्षेत्र की कमजो़रियां और मु्ख्य हैं.

आईएमएफ़ ने तीखे शब्दों में ये चेतावनी दी है कि स्पेन को अपने श्रम बाज़ार में छाई सुस्ती दूर करने के लिए कड़े सुधार करने होंगे.

सुधार की ज़रुरत

आईएमएफ़ ने कहा है कि स्पेन को अपने श्रम बाज़ार में तो तुरंत सुधार की ज़रूरत है ही, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र संबंधी सुधारों को भी तुरंत लागू करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए.

स्पेन के प्रधानमंत्री हौसे लुइस रौद्रिगुएज़ सापातेरो ने पिछले हफ़्ते सार्वजनिक ख़र्च में कटौती के कार्यक्रम की घोषणा की थी.

आईएमएफ़ की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये ज़रूरी है कि स्पेन सार्वजनिक ख़र्च में कटौती की अपनी घोषणाओं से पीछे न हटे.

लेकिन यूरोपीय बाज़ारों में ऐसी अटकलें ज़ोर पकड़ रही हैं कि स्पेन को भी ग्रीस जैसे आर्थिक संकट से गुज़रना पड़ सकता है.

स्पेन को दी गई इस चेतावनी के पीछे यूरोपीय देशों पर कर्ज़ के बोझ और आर्थिक विकास की धीमी रफ़्तार पर आईएमएफ की चिंता साफ़ दिखती है.

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