नई अमरीकी सुरक्षा नीति: सशस्त्र संघर्ष आख़िरी विकल्प

हिलेरी
Image caption हिलेरी ने सुरक्षा रणनीति की व्याख्या की

अमरीका में ओबामा प्रशासन ने दीर्घकालिक नई सुरक्षा नीति की घोषणा की है जिसमें कूटनीति को अन्य विकल्पों से अधिक प्रथमिकता दी गई है.

इस नीति के अनुसार कूटनीति के सभी विकल्प ख़त्म होने के बाद ही सशस्त्र संघर्ष को आख़िरी विकल्प को तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इस नीति को सार्वजनिक करते हुए कहा कि अमरीका पहले के मुकाबले कम ताकतवर नहीं है लेकिन उसे अपनी ताकत का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से करना होगा.

भारत, चीन से और सहयोग

इस तरह नई नीति में पूर्व राष्ट्रपति बुश के एकतरफ़ा युद्ध के विकल्प को सीमित कर दिया गया है और साथ ही भारत और चीन के साथ अधिक सहयोग की बात कही गई है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा इसी महीने कह चुके हैं कि अमरीका एकतरफ़ा कार्रवाई नहीं करता रह सकता और उसे अपनी नीति में बदलाव कर विभिन्न देशों को साथ लेकर चलने की नीति अपनानी होगी.

नई सुरक्षा रणनीति के दस्तावेज़ पर बोलते हुए विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "सफल होने के लिए हमें विश्व जैसा है उसका वैसे ही सामना करना होगा.....हम मूलत: ताकत के सीधे इस्तेमाल की जगह एक ज़्यादा आधुनिक और मुश्किल तरीके - ताकत और प्रभाव के परोक्ष इस्तेमाल की ओर जा रहे हैं."

इस नीति के तहत अल क़ायदा, अमरीका में पनपने वाले 'आतंकवाद' और परमाणु हथियारों के ख़िलाफ़ बुलंद कार्रवाई का वादा किया गया है.

ईरान और उत्तर कोरिया को इस नीति के तहत परमाणु कार्यक्रमों के बारे में स्पष्ट विकल्प दिए गए हैं.

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