इसराइल विदेशी नागरिकों को रिहा करेगा

Image caption इसराइल के ख़िलाफ़ कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

इसराइल ने कहा है कि फ़लस्तीनी समर्थक जहाज़ी बेड़े से गिरफ़्तार सभी विदेशियों को फ़ौरन रिहा कर दिया जाएगा.

प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतनयाहू के एक प्रवक्ता ने कहा है कि गिरफ़्तार लोगों को जल्द से जल्द रिहा करने की कोशिश की जाएगी और अगले 48 घंटों में सभी अपने देश भेज दिए जाएंगे.

इसराइली सैनिकों ने गज़ा के लिए मदद सामग्री ले जा रहे जहाज़ी बेड़े से सैंकड़ों फ़लस्तीनी समर्थकों को गिरफ़्तार किया था.

उस झड़प में नौ फ़लस्तीनी समर्थक कार्यकर्ता मारे गए थे.

मंगलवार को नेटो ने एक आपात बैठक के बाद इसराइली कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए गिरफ़्तार किए गए लोगों की फ़ौरन रिहाई की मांग की थी.

दो राष्ट्र समाधान

इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि ये घटना जल्द से जल्द इसराइली-फ़लस्तीनी संकट के लिए दो राष्ट्र समाधान की ज़रूरत को रेखांकित करता है.

क्लिंटन ने ये बयान तुर्की के विदेश मंत्री के साथ मुलाक़ात के बाद दिया.

Image caption हिलेरी क्लिंटन ने इसराइल की ओर से ही निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है.

तुर्की ने कहा है कि वो इस घटना पर अमरीकी प्रतिक्रिया से बेहद असंतुष्ट हैं.

मारे जाने वालों में तुर्की के भी चार नागरिक हैं और तुर्की अमरीका का सहयोगी देश है.

क्लिंटन ने कहा है कि वो निष्पक्ष और पारदर्शी इसराइली जांच के हक में हैं लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि ये बयान अमरीका के आलोचकों को रास नहीं आएगा.

अमरीका ने सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों में सालों से इसराइल का साथ दिया है.

वहीं सीरिया और इरान के बीच एक लोकतांत्रिक ढाल के तौर पर उसकी कोशिश तुर्की को भी अपने पक्ष में रखने की रही है.

लेकिन इस घटना के बाद तुर्की ने निराशा प्रकट किया है.

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