तुर्की ने की इसराइल की निंदा

Image caption सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने बैठक से पहले इसराइल की निंदा की है

गज़ा के लिए मदद ले जा रहे जहाज़ों पर हुए इसराइली हमले पर विचार विमर्श के लिए बुलाई गई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में तुर्की ने इसराइल की कड़ी निंदा की है.

इस हमले में जहाज़ पर सवार फ़लस्तीनी समर्थक कार्यकर्ताओं में से कम से कम नौ मारे गए थे जिसमें से कुछ तुर्की के नागरिक भी थे.

तुर्की इस बैठक की अगवाई कर रहा है और वहां मौजूद उनके विदेश मंत्री सुरक्षा परिषद से एक कड़े बयान के लिए दबाव डाल रहे हैं.

राजनयिकों का कहना है कि आरंभिक दस्तावेज़ में इसराइली हमले की कड़ी निंदा की गई है, जहाज़ों को फ़ौरन छोड़ने की मांग की गई है और एक अंतरराष्ट्रीय जांच की भी मांग की गई है.

लेकिन इस पर आख़िरी फ़ैसला तभी होगा जब सुरक्षा परिषद् के सदस्य अपना अपना पक्ष रखेंगे.

वैसे इस बैठक से पहले सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने इसराइल की निंदा की है.

तुर्की का कड़ा रुख़

तुर्की के विदेश मंत्री अहमत दावुतोग्लू ने इसराइल की कार्रवाई को 'एक देश की हत्या' की संज्ञा दी है.

बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि इसराइल को तुरंत खेद जताना चाहिए और जहाज़ों को मुक्त करके मारे गए कार्यकर्ताओं के लिए मुआवज़ा देना चाहिए.

लेकिन सुरक्षा परिषद में इसराइली प्रतिनिधि ने कहा है कि इसराइली ने जो भी कार्रवाई की है वह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई है.

इसराइली रक्षामंत्री एहुद बराक ने कहा है कि वे उम्मीद करते हैं कि गज़ा में हमास से उनके देश को जो ख़तरा है, उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय समझेगा.

लेकिन लंदन में फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रतिनिधि मैनुएल हुसैन ने कहा है कि इसराइल सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर लगातार फ़लस्तीनियों पर हमले नहीं कर सकता.

इस बीच अरब लीग भी मंगलवार को एक आपात बैठक कर रहा है और उसने कहा है कि इसराइल की कार्रवाई से साफ़ ज़ाहिर होता है कि उसकी दिलचस्पी शांति प्रक्रिया में नहीं है.

अमरीकी रुख़

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस मामले में क्या क़दम उठाता है वह बहुत कुछ अमरीका के रुख़ पर निर्भर करता है.

अमरीका ने फ़िलहाल कहा है कि वह चाहता है कि इसराइल इस मामले की विश्वसनीय ढंग से जाँच करे.

उधर ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इसराइल की निंदा को ठीक ठहराते हुए कहा कि वे इसराइली प्रधानमंत्री बेंज़ामिन नेतन्याहू से अपील करते हैं कि वे इस मामले में सकारात्मक क़दम उठाएँ.

अफ़्रीकी यूनियन ने भी इसराइली हमले की निंदा की है.

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