कैमरन ने कमर कसने की चेतावनी दी

डेविड कैमरन
Image caption ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक ख़र्च में भारी कटौती की चेतावनी दी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने चेतावनी दी है कि देश के सार्वजनिक ख़र्च में कटौती लोगों की जीवन शैली को आने वाले कई सालों तक प्रभावित करेगी.

कैमरन ने कहा कि ये कटौतियां देश के भारी बजट घाटे को कम करने के लिए ज़रूरी हैं जिससे सरकार की आय और ख़र्च की खाई को कम किया जा सके.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक प्रधानमंत्री डेविड कैमरन देशवासियों को, सार्वजनिक ख़र्च में, दूसरे विश्व युद्ध के बाद से अब तक की सबसे बड़ी कटौती के लिए तैयार कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि देश के भारी बजट घाटे से निपटने के लिए कड़े क़दम उठाने पड़ेंगे.

उन्होने कहा, "देश की आर्थिक समस्याएं, पहले जितना समझा जा रहा था उससे कहीं अधिक गंभीर और कष्टकारी हैं और इनसे निपटने के लिए जो उपाय किए जाएंगे वो हमारी समूची जीवन शैली को प्रभावित करेंगे. जो फ़ैसले हम करेंगे उससे देश का हर नागरिक प्रभावित होगा. और इन फ़ैसलों का अगले कई सालों तक या दशकों तक हम पर असर पड़ेगा”.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा, “क्योंकि ये फ़ैसले इतने महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनका इतना व्यापक असर होगा, क्योंकि हम न इनसे बच सकते हैं और न ही इनमें कोई ग़लती कर सकते हैं इसलिए मैं ये सुनिश्चित करना चाहता हूं कि देश के घाटे को कम करने के फ़ैसले स्पष्ट, ज़िम्मेदाराना और निष्पक्ष ढंग से किए जाएं”.

लेबर सरकार पर आरोप

डेविड कैमरन ने पिछली लेबर सरकार पर करदाता के धन को लापरवाही से ख़र्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन ने अभी कोई क़दम नहीं उठाया तो उसे 2015 तक हर साल 70 अरब पाउंड केवल सूद में चुकाना पड़ेगा.

उन्होने यह नहीं बताया कि कटौतियां किस क्षेत्र में की जाएंगी. इसी महीने की 22 तारीख़ को बजट पेश होगा और उसपर बाक़ायदा बहस होगी और अगले तीन साल के सरकारी ख़र्च की योजना बनाई जाएगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वेतन, पेंशन और अन्य भत्तों पर कठिन फ़ैसले करने होंगे. लेकिन इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा का ख़र्च और अंतर्राष्ट्रीय सहायता प्रभावित नहीं होगी.

ब्रिटेन की गठबंधन सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 6.2 अरब पाउंड की कटौती करने की योजना बना रखी है.

उन्होने कहा कि ब्रिटेन में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का विश्वास बनाए रखने के लिए ये कटौती ज़रूरी है इसलिए ब्याज दरों में वृद्धि को नहीं रोका जा सकता. लेकिन विपक्षी लेबर पार्टी का कहना है कि इससे आर्थिक बहाली ख़तरे में पड़ जाएगी.

कई यूरोपीय देशों की तरह ब्रिटेन भी सरकारी ख़र्च में कटौती करने की तैयारी कर रहा है. ब्रिटेन के सबसे बड़े मज़दूर संगठन ने उनके भाषण को भयभीत करने वाला बताया लेकिन निजी क्षेत्र के बहुत से व्यापारिक नेता लम्बे समय से सरकारी ख़र्च में कटौती की वकालत करते रहे हैं.

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