ग़ज़ा मामला: 450 फ़लस्तीनी समर्थक तुर्की पहुँचे

इस्तांबुल

सोमवार को ग़ज़ा तक राहत सामग्री ले जा रहे समुद्री बेड़े पर हुए इसराइली हमले के बाद 450 से अधिक फ़लस्तीनी समर्थक तीन हवाई जहाज़ो में तुर्की पहुँचे हैं.

तुर्की के उप प्रधानमंत्री बुलेंत अरिंक ने इन फ़लस्तीनी समर्थकों का स्वागत किया है और इसराइल पर 'समुद्री डकैती' का आरोप लगाया है.

ग़ौरतलब है कि 400 तुर्कों समेत 700 फ़लस्तीन समर्थक कार्यकर्ता ग़ज़ा पर इसराइली नाकेबंदी को ख़त्म करने की कोशिश कर रहे थे और वहाँ 10 हज़ार टन राहत सामग्री पहुँचाना चाहते थे.

समुद्री बेड़े पर कब्ज़ा करने के दौरान इसराइली कमांडो कार्रवाई में मारे गए नौ लोगों को शव भी इन्ही हवाई जहाज़ों में तुर्की पहुँचाए गए हैं. इसराइल ने कहा है कि मृतकों में चार तुर्की के नागरिक हैं जबकि पाँच अन्य की पहचान नहीं हो पाई है. घायलों में से सात लोगों की स्थित गंभीर है.

उधर इसराइल ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि सोमवार को इसराइल के पास समुद्री बेड़े पर धावा बोलने के अलावा कोई चारा नहीं था. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर 'पांखंड' करने का आरोप लगाया है.

फ़लस्तीनी समर्थकों का स्वागत

तुर्की की राजधानी इंस्ताबुल में तुर्की और फ़लस्तीन के झंडे उठाए लगभग 1000 लोग इसराइल विरोधी नारे लगा रहे थे.

वहाँ पहुँच कर फ़लस्तानी समर्थकों ने कहा कि हथियारों से लैस इसराइली कमांडों के ख़िलाफ़ उन्होंने आत्मरक्षा करने का प्रयास किया था.

उन्होंने इसराइली फ़ौज पर क्रूरता का आरोप लगाया है और जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने मतदान के बाद इस पूरे मामले की स्वतंत्र तौर पर अंतरराष्ट्रीय जाँच कराने का फ़ैसला किया है.

फ़लस्तीनी समर्थकों में एक महिला ने आरोप लगाया था कि सैनिकों ने समुद्री बेड़े में मौजूद लोगों पर गोलियाँ चलाई थीं.

नाकेबंदी हटे: बान-की-मून

उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इसराइल से गज़ा पट्टी पर लगी आर्थिक नाकेबंदी फ़ौरन हटाने को कहा है.

वहीं अमरीका ने भी कहा है कि आर्थिक नाकेबंदी में ढील इसराइल के फ़ायदे में है.

गज़ा के लिए मदद सामग्री लेकर जा रहे जहाज़ी बेड़े में हुई हिंसा के बाद इसराइल पर नाकेबंदी हटाने के लिए दबाव बढ़ रहा है.

अरब लीग तय कर चुकी है कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समक्ष गज़ा पट्टी पर लगी इसराइली नाकेबंदी को हटाने की मांग करेगी.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि जहाज़ी बेड़े को गज़ा पहुंचने से रोकने के दौरान हुई हिंसा समस्या की जड़ को उजागर करती है.

उन्होंने कहा, "गज़ा पट्टी की आर्थिक नाकेबंदी ग़लत है, इसका विपरीत असर पड़ रहा है और इसे जारी नहीं रखा जा सकता. इससे निर्दोष नागरिकों को सज़ा मिल रही है और इसराइली अधिकारी इसे फ़ौरन ख़त्म करें."

इसराइल ने तब से गज़ा पट्टी की आर्थिक नाकेबंदी की हुई है जब से वहाँ इस्लामी संगठन हमास सत्ता में आया है.

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